जैविक-रासायनिक हमले से कैसे बचें, डीआरडीई के वैज्ञानिकों ने प्रशासन और पुलिस को दी ट्रेनिंग

ग्वालियर। ग्वालियर में विषम से विषम आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां की जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों ने डीआरडीई में रासायनिक और जैविक हथियारों से बचाव और दूसरे लोगों को सुरक्षित रखने की तकनीकी बारीकियां सीखी

प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह और डीआरडीई के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा की मौजूदगी में आयोजित किया गया। इस दौरान डीआरडीई के वैज्ञानिकों ने विभिन्न रासायनिक एवं जैविक एजेंट्स से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम दो चरणों में हुआ। पहले चरण में वैज्ञानिकों ने रासायनिक और जैविक हमलों के प्रभाव और उनसे बचाव संबंधी लेक्चर दिया, जबकि दूसरे चरण में वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप डेमो प्रस्तुत किया गया। प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों ने रासायनिक और जैविक हमलों से बचाव के लिए प्रयुक्त किट व उपकरणों की प्रदर्शनी भी देखी।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यदि कहीं रासायनिक एवं जैविक हमला हुआ हो तो मुंह पर गीला रूमाल या कपड़ा बांधकर हवा के विपरीत दिशा से निकलना चाहिए। इसके बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर साबुन लगाकर अच्छी तरह मुंह-हाथ धोकर नहा लेना चाहिए। मुल्तानी मिट्टी व राख से हाथ व शरीर की सफाई भी अत्यंत कारगर रहती है। प्रशिक्षण में न्यूक्लियर रेडियो एक्टिव, बायोलॉजिकल व केमिकल वैरिएंट के प्रकार एवं इनके असर को कम करने के उपायों पर प्रकाश डाला गया।

 

*डीआरडीई ने बताए लक्षण और उपाय*

डीआरडीई की वैज्ञानिक डॉ. मनीषा साठे ने विभिन्न प्रकार के रासायनिक वैरिएंट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शरीर पर कौन से केमिकल के किस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है। डॉ. साठे ने बताया कि पाउडर, गैस व एरोसोल फॉर्म में केमिकल हो सकते हैं। वैज्ञानिक बोले- हम खुद सुरक्षित रहकर दूसरों को बचा सकते हैं

डीआरडीई के वैज्ञानिक डॉ. रामकुमार धाकड़ ने विभिन्न प्रकार के जैविक वैरिएंट पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केमिकल व जैविक वैरिएंट का आभास होने पर मुंह पर गीला कपड़ा बांधें और तत्काल हवा के विपरीत दिशा से बाहर निकलें। बहुत ही कम मात्रा का रसायन व जैविक वैरिएंट बड़ी क्षति पहुंचा सकते हैं। प्रॉपर किट पहने बगैर केमिकल जैविक वैरिएंट फैलने पर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम खुद सुरक्षित रहकर ही दूसरों की रक्षा कर सकते हैं।

 

प्रशिक्षण में यह रहे शामिल

 

प्रशिक्षण के दौरान एडीएम टीएन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, निरंजन शर्मा व गजेन्द्र वर्धमान, जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी व सीएसपी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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