जबलपुर: मदनमहल की पहाड़ी में एक बार फिर से बसाहट होने लगी है। पहाड़ी के कई हिस्सों में कच्चे-पक्के मकान बना दिए गए हैं जबकि कई मकान निर्माणाधीन अवस्था में पड़े हुए हैं। कब्जाधारियों की पहाड़ियों पर फिर से बसाहट से तो स्पष्ट है कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का किसी प्रकार का कोई भय नहीं है। विदित हो कि कुछ साल पहले प्रशासन के आदेश पर मदनमहल पहाड़ी में कब्जा कर रहने वालों को हटा दिया गया था और उन्हें दूसरे स्थान पर विस्थापित किया गया था.
लेकिन एक बार फिर से कब्जाधारियों ने कब्जा करना शुरू कर दिया है।जानकारी के अनुसार मेडिकल के सामने, गढ़ा पुलिस थाना के पीछे, बाजनामठ के पीछे और चौहानी के पास लगातार चोरी छिपे निर्माण कार्य होते रहते हैं। और धीरे-धीरे पहाड़ी पर फिर से घनी बस्ती आबाद होने लगी है।
इलेक्ट्रिक पोल से कर रहे बिजली चोरी
पहाड़ियों में से कुछ समय पहले कब्जे तो प्रशासन द्वारा हटा दिए गए थे लेकिन वहां बिछाई गई पाइप लाइन और इलेक्ट्रिक पोल नहीं हटाए गए थे। जिसका इन दिनों दोबारा कब्जा करने वाले फायदा उठातेे नजर आ रहे हैं। हम बात करें वर्तमान हालातों की तो इन दिनों पहाड़ियों पर कब्जा करने वाले लोग मोटर लगाकर पाइप लाइन से पानी खींच रहे हैं तो वहीं लग्घी लगाकर इलेक्ट्रिक पोल से बिजली भी चोरी कर रहे हैं। जिससे पानी की मोटर अधिकांश समय चलती ही रहती है।
पहाड़ी से मुरूम निकालकर कर रहे निर्माण
जानकारों व क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी से ही मुरम निकालकर घर का ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसका नतीजा है कि पहाड़ियों पर कच्चे कई मकान तन भी गए हैं। कई जगह तो ईंट की दीवार बनाकर उस पर शेड डाले गए हैं। यह कब्जे उसी जगह पर किए जा रहे हैं जहां कुछ समय पहले प्रशासन ने पुराने कब्जे हटाए थे और विस्थापितों को उचित स्थान में रहने जगह भी दी थी।
