भोपाल, 07 मई (वार्ता) पहलगाम में आतंकवादी हमला और आज के ऑपरेशन सिंदूर के बीच बनीं स्थितियों के मद्देनजर आज देशव्यापी सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के तहत मध्यप्रदेश के पांच जिलों में शाम को मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान आपात स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित बचाने का अभ्यास किया गया।
राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी जिलों में मॉक ड्रिल किया गया। इसमें प्रशासनिक अमले के साथ ही स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की गयी। इस दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि युद्ध के दौरान निर्मित हालातों में किस तरह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। इसका एक मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मानसिक रूप से तैयार करना भी रहा।
ये मॉक ड्रिल देर शाम तक चलेगी। इस दौरान केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अंधेरे में ब्लैक आउट जैसे अभ्यास भी होंगे। इस दौरान विशेष सायरनों की आवाज भी गूंजती हुयी सुनी जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन राष्ट्र का महत्वपूर्ण विषय एवं जिम्मेदारी है, फलस्वरुप नागरिकों की सुरक्षा के लिये सिविल डिफेंस अधिनियम 1968 एवं अन्य नियमों में नागरिक सुरक्षा करने के प्रावधान किये गये हैं। नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की है, जो समय-समय पर राज्यों को आवश्यक निर्देश देती है कि राज्य सरकारें नागरिक सुरक्षा योजनाएं बनायें, योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन करें।
नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास करने के लिये केन्द्र सरकार के निर्देश के अनुरूप 5 जिलों ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं कटनी में यह अभ्यास शाम चार बजे से शाम आठ बजे के मध्य किया जा रहा है।

