विदिशा: देश भर में सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अब 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। योजना के तहत घायलों को सात दिन तक मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जाएगी, जो उनकी हालत स्थिर होने तक जारी रहेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में इस योजना का पायलट कार्यक्रम शुरू किया था, जिसे छह राज्यों में विस्तारित कर अब देश भर में लागू किया है।
योजना की निगरानी के लिए 11-सदस्यीय संचालन समिति गठित की गई है, जिसमें एनएचए कार्यान्वयन एजेंसी होगी। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या कम करने के उद्देश्य से यह योजना पांच मई 2025 से लागू की गई है। इसके लिए मरीजों को नजदीकी पंजीकृत अस्पताल में तुरंत भर्ती किया जाएगा। इलाज के दौरान मेडिकल खर्च सीधे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या उसके परिजनों को इसमें किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा।
एनएचए रहेगा कार्यान्वयन एजेंसी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार कहा गया है कि किसी भी सड़क पर मोटर वाहन से दुर्घटना का शिकार होने वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के अनुसार कैशलेस उपचार का हकदार होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समन्वय कार्यक्रम के लिए कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
