
इंदौर. महू फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत आने वाले बड़ी जाम, बड़गौंदा और मांगलिया के जंगलों में तेंदुओं द्वारा दो गाय और एक बकरी के शिकार की पुष्टि हुई है. वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है. अब पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
फॉरेस्ट रेंजर नयन पालवी ने बताया कि घटनाएं अलग-अलग समय पर हुईं और मौके से मिले अवशेषों की जांच के बाद मुआवजा प्रस्ताव संबंधित संभागीय कार्यालय को भेज दिया है. तय मानकों के अनुसार मुआवजा राशि इस तरह है कि बड़ी गाय मतलब वयस्क 15 से 20 हजार रुपए, जबकि छोटी गाय मतलब बछिया या केडी के 10 हजार रुपए वही बकरी के 3 हजार रुपए का प्रावधान रखा गया है. रेंजर ने यह भी बताया कि यह मुआवजा योजना वन्य जीवों द्वारा मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में किसानों की आर्थिक सहायता हेतु बनाई गई है. वन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त और निगरानी भी बढ़ा रहा है ताकि तेंदुओं के बढ़ते हमलों को रोका जा सके.
