इंदौर:मथुरा में शनिवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने इंदौर के तीन परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं. मामेरे में शामिल होने गए तीन सगे भाइयों की हादसे में मौत हो गई, वहीं उनके साथ गए ड्रायवर की भी जान चली गई. हादसे की गंभीरता इतनी थी कि शवों को इंदौर लाना संभव नहीं हो सका, जिसके चलते परिजनों ने मथुरा में ही अंतिम संस्कार का निर्णय लिया.प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय मृतक हुकुमचंद शर्मा, 60 वर्षीय प्यारेलाल शर्मा और 45 वर्षीय मुकेश शर्मा राजनगर व बाबू मुराई कॉलोनी के निवासी थे.
उनके साथ गए ड्रायवर साबिर भी बाबू मुराई कॉलोनी में ही रहता था. सभी एक रिश्तेदार की शादी में मथुरा गए थे और वहां से वृंदावन दर्शन के लिए निकले ही थे कि छटीकरा देवी रोड पर उनकी ई-रिक्शा की टक्कर थार गाड़ी और फिर पीछे से आए डंपर से हो गई. इस भीषण हादसे में चारों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 वर्षीय शिवम शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया, जो इस समय अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. परिजनों के अनुसार शवों की स्थिति अत्यंत विकट थी, इसलिए उन्हें इंदौर लाना संभव नहीं था. शनिवार रात से ही परिवार के सदस्य मथुरा के लिए रवाना हो गए थे.
रविवार सुबह तक राजनगर और बाबू मुराई कॉलोनी में शोक की लहर फैल गई. लोगों ने रातभर जागकर दुख साझा किया. आज सुबह तक मोहल्लों में सन्नाटा पसरा देखा गया, वहीं कई घरों में चूल्हे नहीं जले तो ज्यादातर आंख नम नजर आई. पास में रहने वालों ने नव भारत को बताया कि मृतकों में से हुकुमचंद और प्यारेलाल अलग-अलग जूते-चप्पल के कारखानों में काम करते थे. दोनों भाइयों में गहरा प्रेम था और अक्सर साथ ही घर-परिवार के कार्यक्रमों में शामिल होते थे. उनके निधन से मोहल्ले में हर कोई स्तब्ध है. इस हादसे से पहले भी यह परिवार मुश्किलों से जूझ रहा था. घायल शिवम के पिता नरेश शर्मा करीब छह माह से कोमा में हैं. रेती मंडी चौराहे पर हुए सड़क हादसे में गंभीर चोट लगने के बाद से वह बिस्तर पर हैं.
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
एक अन्य पडोसी ने चर्चा करते हुए नव भारत को बताया कि शर्मा बंधुओं की बहन मथुरा में रहती हैं, जिनके बेटे की शादी सोमवार को भोपाल में होनी थी. शनिवार को मामेरे की रस्म थी, जिसमें शामिल होने के लिए तीनों मामा मथुरा गए थे. लेकिन हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया. शेष परिवार भोपाल में शादी की तैयारियों में लगा हुआ था.
मोहल्ले में हो रही एक ही बात की चर्चा ऐसा दुख पहले कभी नहीं देखा
राजनगर और बाबू मुराई कॉलोनी के रहवासी बताते हैं कि यह परिवार बेहद शांत और मिलनसार था. किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं करने वाले इन भाइयों की एक साथ विदाई पूरे मोहल्ले के लिए असहनीय सदमा है. परिवार के करीबी पुष्पेंद्र ठाकुर ने बताया कि यह घटना केवल एक परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए त्रासदी है. पूरे मोहल्ले में एक ही चर्चा हो रही थी कि ऐसा दुख पहले कभी किसी परिवार में नहीं देखा
