भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मंत्रिमंडलीय सदस्यों को केबिनेट बैठक से पहले बताया कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक वर्ष 2027 में उज्जैन में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि बस्तर में आयोजित 26वीं बैठक के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसके लिए सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री उज्जैन पहुंचकर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर कभी नक्सली विचारधारा का प्रमुख केंद्र माना जाता था, लेकिन अब देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में परिषद की बैठक आयोजित कर केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस और अभियान की बदौलत यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि नक्सल उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा धान, ज्वार, बाजरा, कपास, तिल और सोयाबीन समेत विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी किए जाने पर आभार जताया।
उधर,भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति और सौहार्द की परंपरा वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए न्यायालय के निर्णय का पालन सुनिश्चित करेगी और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
