इंदौर:मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवश्यक नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट परीक्षा आज देशभर में शुरु हुई, जिसमें इंदौर से 27 हजार 127 परीक्षार्थी भाग ले रहे है. इंदौर के सभी 51 सेंटरों पर सख्त चैकिंग के साथ ही जैमर भी लगाए गए है. परीक्षा में पिछले साल हुए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को निगरानी का जिम्मा सौंपा है.
इसके तहत कलेक्टर, एसपी, सेंट्रल स्कूल के प्रिंसिपल और जिला शिक्षा अधिकारी की एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, जो परीक्षा के सुचारू संचालन की निगरानी कर रही है. परीक्षा में पेपर लीक न होने और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए सख्त उपाय किए हैं. इस साल शहर में 51 सेंटर बनाए हैं, और मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सेंटरों पर जैमर लगाए. सभी सेंटरों पर सख्त चेकिंग के बाद ही छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया.
मध्यप्रदेश में इस परीक्षा के लिए कुल 1.19 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन सहित 32 जिले शामिल हैं. इंदौर में कुल 27,127 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, जबकि प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी परीक्षा हो रही है. शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में परीक्षार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है. 2021 में जहां यह संख्या 58,000 थी, वही इस साल यह दोगुनी होकर 1.19 लाख हो गई है.
