जानिये सायबर ठगी के नए फॉर्मेट और चालबाजियाँ

इंदौर: साइबर ठगी का एक और नया रूप अब इंदौर में सामने आया है. ठग अब गलती से पैसे भेजने के बहाने लोगों के साथ बड़ा फ्रॉड कर रहे हैं. महज एक यूपीआई पिन डालते ही बैंक खाते से 99 हजार रुपए उड़ाए जा रहे हैं. पुलिस ने इस स्कैम को जम्म डिपॉजिट फ्रॉड नाम दिया है. बीते एक महीने में इंदौर की क्राइम ब्रांच के पास ऐसे 12 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं.

अब तक साइबर ठग बिजली कटने, गैस कनेक्शन बंद होने, ओएलएक्स पर डील, बैंक केवायसी और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को झांसा देते थे. लेकिन अब वे तकनीकी समझ का फायदा उठाकर सीधे बैंक खातों से बड़ी रकम निकाल रहे हैं. ठगों की नई स्क्रिप्ट कुछ इस तरह होती हैं कि पहले वह खाते में दो हजार रुपए भेजते, फिर फोन कर कहते हैं गलती से पैसे डाल दिए कृपया इन्हें वापस कर दो.

एडीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि अब ठग पहले शिकार के खाते में दो हजार रुपए जमा करते हैं और फिर कॉल कर कहते हैं कि यह रकम गलती से ट्रांसफर हो गई है, कृपया वापस कर दीजिए. साथ ही यूपीआई आईडी भेजते हैं, जिस पर पैसा लौटाना होता है. दरअसल, ठग पहले से ही 99 हजार रुपए की पेमेंट रिक्वेस्ट डालकर रखते हैं.

जैसे ही पीड़ित यूपीआई ऐप खोलकर पिन डालता है, वो रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाती है और खाते से 99 हजार रुपए एक झटके में निकल जाते हैं. दंडोतिया ने आगे बताया कि ठग अच्छी तरह जानते हैं कि यूपीआई से एक बार में अधिकतम 99 हजार रुपए ही ट्रांसफर हो सकते हैं, इसलिए वे उसी रकम की रिक्वेस्ट रखते हैं. शिकार को लगता है कि वह दो हजार रुपए वापस भेज रहा है, लेकिन असल में वह बड़ी रकम गंवा बैठता है.
बचाव के लिए दंडोतिया ने दिए अहम सुझाव
फोन कॉल पर तुरंत पैसे वापस न करें, पहले गलत यूपीआई पिन डालें या लेन-देन को कुछ देर के लिए टालें. बिना पुष्टि के किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न लौटाएं. किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की तुरंत रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन पर करें.

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