
सीधी। हिरन नदी में भू-राजस्व संहिता का उल्लघंन कर बनाये गये दो दर्जन से अधिक अवैध भवन निर्माणकर्ताओं की सीमांकन की खबर से होश उड़े हैं। नक्शे के आधार पर कल हिरन नदी का सीमांकन होगा और अतिक्रमणों का चिन्हांकन किया जायेगा। इसके बाद कई अवैध भवन गिरेंगे।
मालूम रहे कि तहसीलदार गोपद बनास द्वारा हिरन नदी के सीमांकन एवं अतिक्रमणों का चिन्हांकन करने के लिये उपखण्ड अधिकारी गोपदबनास के निर्देशानुसार 26 अप्रैल 2025 की तारीख निश्चित की गयी है। सीमांकन की कार्यवाई की तारीख निश्चित होने के साथ ही अतिक्रमणकारियों की धडक़ने बढ़ गयी है। जानकारों के अनुसार हिरन नदी के दोनो तटों पर सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमण कर मकान बनाये गये हैं। कई मकान तो बहुमंजिला एवं हवेलीनुमा बने हुये हैं। कुछ अतिक्रमणकारियों द्वारा हिरन नदी के तट पर भूमि लेने के साथ ज्यादा जगह बनाने के लिये हिरन नदी की पटायी भी करा दी गयी है। भारी अतिक्रमण के चलते ही बड़े क्षेत्रफल में प्रवाहित हिरन नदी का क्षेत्रफल लगातार कम होता गया। कई स्थानों पर तो अतिक्रमणकारियों ने हिरन नदी को नाली में तब्दील कर दिया है। हिरन नदी की दुर्दशा को देखकर शहरवासियों में काफी आक्रोश बना हुआ है। इसी वजह से हिरन नदी के सीमांकन की कार्यवाई पुराने नक्शे के आधार पर करने की मांग हो रही है।
