मझौली क्षेत्र के वेयरहाउस परिसर में चल रहा गोरखधंधा
जबलपुर: समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन शुरू होते ही धांधली भी शुरू हो चुकी है जिसका पहला मामला मझौली क्षेत्र में सामने आया है, जहां वेयरहाउस के बाहर गेहूं में मिट्टी मिलते हुए कुछ लोगों को पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के कुछ लोगों ने शिकायत की थी मझौली के माँ रेवा वेयरहाउस के बाहर गोदाम संचालक के द्वारा गेहूं में मिट्टी मिलाकर उसे दूसरी गोदाम में समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जांच करने पर मौके से लगभग तीन ट्रक मिट्टी बरामद हुई है, साथ ही 130 बोरी मिट्टी मिला गेहूं भी प्राप्त हुआ है। जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक मिट्टी मिलाई गई थी। जानकारी के अनुसार उक्त मिट्टी कटनी के फिल्टर प्लांट से लाई गई है।
1000 बोरी नया बारदाना मिला
जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां पर लगभग 1000 बोरी नया बारदाना मिला, जिसका उपयोग इस साल की सरकारी खरीद में होना था और जब इस बात की जांच की गई कि तो पता चला कि पास ही में ओम साईं राम वेयर हाउस में क्लस्टर बेस फेडरेशन के द्वारा खरीदी की जा रही है, जहां से यह बारदाना लाया गया है। जिसके बाद अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि वहां जो 12000 बारदाने खरीदी के लिए दिए गए थे, उसमें से मात्र 11000 बारदाने ही मौजूद है।
महिला समूह को जिम्मा, संचालक कर रहा खरीदी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मझौली में बनाए गए ओम साईं राम केंद्र पर महिला समूह के सबला संकुल स्तरीय संगठन कांकरदेहि द्वारा खरीदी होनी है। लेकिन यहां पर मां रेवा वेयरहाउस के संचालक नितेश पटेल गेहूं खरीदी कर रहा है, जो अपने वेयरहाउस से मिट्टी मिले गेहूं को उठाकर साईं राम वेयरहाउस में लाकर भंडारित कर रहा है, और किसानों से खरीदे गए गेहूं के साथ हेराफेरी कर रहा है।
पहले धान की चोरी, अब गेहूं में मिलावट
धान उपार्जन के समय मां रेवा वेयरहाउस के संचालक सहित समिति प्रबंधक और अन्य के द्वारा हेराफेरी की गई थी, जिसमें मझौली की सेवा सहकारी समिति खांड के बनाए गए दूसरे केंद्र मां रेवा वेयरहाउस में समिति ने धान की फर्जी एंट्री कर ली है। जिसमें लगभग 63 सौ क्विंटल धान को फर्जी तरीके से चढ़ा दिया गया है। जिसके चलते उनके ऊपर प्रशासन द्वारा एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। उसके बाद अब फिर से गेहूं उपार्जन में भी उक्त वेयरहाउस संचालक का नाम सामने आ रहा है।
यहां तुलाई के नाम पर ले रहे पैसे, हुआ हंगामा
समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं की खरीदी में किसानों से अपनी उपज बेचने के एवज में तुलाई के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया है जिसको लेकर बड़ी संख्या में केंद्र के बाहर किसानों ने जमकर हंगामा किया और मामले की शिकायत अधिकारियों से करी। पाटन की आरछा समिति के अंतर्गत पड़रिया ग्राम के सरिता वेयरहाउस को गेहूं खरीदी के लिए प्रशासन द्वारा आवंटित किया गया है, जहां बुधवार को किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचे।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा बिना किसी खर्च के समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है, परंतु केंद्र में उपस्थित लोगों द्वारा जबरन किसानों से तुलाई के नाम पर पैसों की वसूली की जाती है वही गेहूं की तुलाई का वजन 51 किलो 200 ग्राम की जा रही है। पल्लेदारी एवं गेहूं वेयर हाउस के अंदर तक रखने के क्विंटल पर 35 से 40 रूपए लिए जा रहे हैं। जबकि नियम अनुसार किसानों से 50 किलो 650 ग्राम वजन लिया जाना चाहिए और साथ ही तुलाई और स्टैकिंग का कोई भी पैसा नहीं लिया जाना चाहिए।
इनका कहना है
मझौली के माँ रेवा वेयरहाउस के परिसर में मिलावटी गेहूं मिला है। साथ ही बड़ी मात्रा में फिल्टर प्लांट की मिट्टी भी मिली है। जिसकी जांच की जा रही है। यहां पर 1000 नए बारदाने मिले हैं। वहीं दूसरे क्लस्टर बेस फेडरेशन के उपार्जन केंद्र पर 1000 बारदाने कम मिले हैं। ऐसे में दोनों ही जगह पर जांच की जा रही है और आशंका है कि क्लस्टर बेस फेडरेशन के उपार्जन केंद्र से ही यह बारदाना यहाँ मिट्टी मिले गेहूं को ले जाने के लिए लाया गया है।
दीपक सक्सेना
कलेक्टर जबलपुर
