
इंदौर. सुल्तानपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इंदौर के रामनगर क्षेत्र के एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया. रिक्शा चालक रवि पिता भागीरथ खोलवाल की पत्नी सरिता और 18 माह की मासूम बेटी तेजस्वी उर्फ चीनू की इस हादसे में मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि गंभीर रूप से घायल है. इस हादसे के बाद जहां पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया था, वहीं हर आंखें भी नम थी.
मंगलवार सुबह जब रामनगर से मां-बेटी की अर्थी एक साथ निकली, तो पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया. अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंखें नम थीं. मुक्तिधाम पर सरिता और चीनू का अंतिम संस्कार किया गया. इस भावुक क्षण में छह साल के मासूम हरमन ने अपनी मां और नन्ही बहन को मुखाग्नि दी. यह दृश्य देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं. मुक्तिधाम में हरमन बार-बार अपने दादा भागीरथ की गोद से छूटकर मां और बहन को खोजता रहा. उसकी मासूम चीखें और रुलाई ने सबका दिल झकझोर दिया. दादा भागीरथ खुद को संभाल नहीं पा रहे थे. बिलखते हुए उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को उनका बेटा रवि, बहू सरिता, पोती चीनू और अन्य रिश्तेदार एक शादी में शामिल होने सुल्तानपुर गए थे. लौटते समय देर रात उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई.
रात 2:30 बजे पहुंचे शव, मोहल्ला गम में डूबा
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही भागीरथ खोलवाल सुल्तानपुर रवाना हुए और शाम छह बजे पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर इंदौर लौटे. रात 2:30 बजे शव रामनगर पहुंचे, जहां देर रात तक मोहल्ले के लोग शोक संवेदना में डटे रहे. रवि की मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल था. मासूम हरमन, जो हादसे में जीवित बच गया, फिलहाल दादा-दादी के साथ है. परिजनों ने बताया कि रवि अपने पिता का इकलौता पुत्र है और हरमन भी उनका इकलौता बेटा है. अब पूरे परिवार की उम्मीदें उसी मासूम से जुड़ गई हैं, जिसने अपनी आंखों के सामने अपने पूरे संसार को खो दिया. इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है.
