
रीवा। रीवा कलेक्ट्रेट में उस समय हडक़ंप मच गया जब एक भूतपूर्व सैनिक सूटकेस में अपने पत्नी के गहने और लाखों रुपए कैश लेकर पहुंचा. उनका कहना था कि यह तमाम रुपए और गहने अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए लाया है. उसने आरोप लगाया है कि उसकी पुश्तैनी जमीन को अधिकारियों ने सरकारी घोषित कर दिया गया है, जबकि जमीन के सारे कागजात उसके पास मौजूद हैं.
दरअसल मंगलवार को रीवा के कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई थी. वहां एक व्यक्ति सूटकेस लेकर पहुंचा था. वह सूटकेस को खोलकर कलेक्टर के गेट पर बैठा था. उसके जेब पर सेना के मेडल लगे हुए थे. जब मीडिया ने उससे बात की तो उसने बताया की उसका नाम योगेश तिवारी है. वह त्योंथर तहसील के गांव मलपार से आया है. वह सेना का रिटायर सैनिक है. उसका कहना था कि हमारे गांव में विद्याधर शुक्ला नाम का दबंग व्यक्ति है. वह 376 केस में भी जेल जा चुका है. जमीनी विवाद में भी जेल जा चुका है. श्री तिवारी का कहना है कि त्योंथर तहसील में जो अधिकारी और कर्मचारी हैं उस दबंग को फायदा दिलाने के लिए मेरी जमीन को सरकारी कर दिया है.
रिश्वत मांगने से तंग आ चुका था सैनिक
उसने बताया कि इस मामले की वह कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन त्योंथर तहसील में बैठे अधिकारी कर्मचारी उससे रिश्वत की मांग करते हैं. लगातार घूस की मांग से तंग आकर वह अपने पत्नी के गहने और कैश लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा है. वह अधिकारियों से मांग कर रहा है कि उससे रिश्वत ले लें लेकिन उसकी भूमि वापस दिला दें. युवक के इस कदम से कलेक्ट्रेट में हडक़ंप मच गया. रीवा के कलेक्ट्रेट भवन में उसे देखकर हडक़ंप मच गया. उसका कहना था कि वह कलेक्टर से मिलने से आया था.
तथ्यो के आधार पर कार्यवाही होगी: कलेक्टर
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि भूतपूर्व सैनिक की जो भी शिकायत है, उसे सुनेगे और देखेगे. जो तथ्य सामने आयेगे, उसके आधार पर कार्यवाही की जायेगी. किस तरह से जमीन सरकारी हुई, या खसरा सुधार का मामला है. शिकायत में जो भी तथ्य आयेगे उसकी जांच कराकर न्याय संगत कार्यवाही की जायेगी. अगर कोई आपत्ति है तो कार्यवाही के लिये आवेदन दे सकते है.
