भोपाल: वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने खा की प्रदेश में OBC आरक्षण से जुड़ी 52 याचिकाएं अब हाई कोर्ट से सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई हैं।इस लिए अब मैं मध्य प्रदेश सरकार से माँग करता हूँ कि सुप्रीम कोर्ट में OBC वर्ग का पक्ष ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर रखें।उन्होंने कहा अगर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकारों ने OBC के साथ षडयंत्र और बेईमानी नहीं की होती तो 2019 में मेरी सरकार के समय लागू किया गया 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का लाभ अब तक लाखों OBC अभ्यर्थियों को मिल चुका होता।
वरिष्ठ नेता एक्स पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया कि 27 प्रतिशत OBC आरक्षण पर न तो सुप्रीम कोर्ट ने और न ही हाईकोर्ट ने अब तक कोई रोक लगायी थी। सरकार ने अपनी तरफ़ से ही मनमाने ढंग से पिछले पाँच वर्ष से OBC को 27% आरक्षण से वंचित किया है।उन्होंने कहा सरकार के वक़ील ने हाई कोर्ट को अपनी तरफ़ से यह सुझाव दिया था कि 13 प्रतिशत OBC के लिए आरक्षित पद होल्ड पर रख लिए जाएं और 14 प्रतिशत के हिसाब से आरक्षण दिया जाए।
इससे भी स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार ने ख़ुद ही आरक्षण होल्ड करने का सुझाव दिया था। भाजपा सरकार ने ही असंवैधानिक रूप से इस क़ानून द्वारा दिए गए 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को रोक रखा है। इसलिए सभी को बहुत सतर्क रहना चाहिए और इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट में OBC के हितों के साथ एक बार फिर से अन्याय न कर दे।
