जबलपुर। मप्र अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 फीसदी आरक्षण देने से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। जस्टिस अभय एस ओका एवं जस्टिस उज्जवल भुयान की युगलपीठ ने मप्र हाईकोर्ट से ट्रांसफर हुई 52 याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
मामले पर सुनवाई के दौरान मप्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने शीर्ष अदालत से निवेदन किया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि इन मामलों की सुनवाई के लिए जल्द ही एक उपयुक्त बेंच गठित की जाएगी। गौरतलब है कि ये मामले पिछले 6 वर्ष से लंबित हैं। वर्ष 2019 में मप्र हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण को चुनौती देते हुए पहली याचिका दायर हुई थी। इसके बाद सैकड़ों याचिकाएं दायर हुईं। इनमें कुछ याचिकाएं ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने के विरोध में हैं, जबकि कुछ इसके पक्ष में हैं।
