इंदौर:प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय असपताल नई ओपीडी बिल्डिंग के परिसर के मुख्य द्वार पर ही हमेशा कचरे और गंदगी का ढेर लगा रहता है. जिसकी सुबह से लेकर शाम तक सफाई नहीं की जाती.
इसी गंदगी के बीच कई मंदबुद्धि लोग भी लेटे रहते हैं. जबकि परिसर में एक विभाग आसरा का भी है, जहां ऐसे लोागों को रखा जाता है. मुख्य प्रवेश पर आवारा श्वान विराज मान रहते हैं. इतना ही नहीं परिसर के अंदर तो आवारा श्वानों का पूरी तरहा कब्जा है. ओपीडी के बाहर बैठे मरिज़ों के बीच एक नहीं तीन-चार आवारा श्वान टहलते नज़र आते हैं जबकि लाल अस्पताल के एक आंकड़े के अनुसार रेबीज से मरिज़ो में बढ़ोत्री हुई है.
इनका कहना है
यूं तो नगर निगम आम आदमी पर स्पॉट फाइन लगाती है. निगम को चाहिए कि अधिकारियों और कर्मियों के चालान बनाने चाहिए. यहां राशि उनके निजी वेतन से काटना चाहिए.
श्याम मामा
कहीं गंदगी, कहीं आवारा श्वान, वो भी अस्पताल परिसर के अंदर. कोई ध्यान देता क्यों नहीं. इसे तो लापरवाही ही कहा जा कसता है. अस्पताल अब रखरखाव के अभाव में गंदा हो रहा है.
फखरुद्दीन आरीफ
जहां बीमारियों का इलाज होता है वहीं बीमारी बढ़ाने के इंतज़ाम दिखाई देते हैं. अस्पताल प्रबंधक को यह दिखाई क्यों नहीं देता. कर्मचारियों को अपनी ड्युटी इमानदारी से निभानी चाहिए.
मकसूद अहमद
