
सीहोर।बुधवार को जिले भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एक दिन के साप्ताहिक अवकाश पर क्या गए, संपूर्ण जिले के प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा उठीं. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके रहे और मरीज परेशान होकर वापस लौट गए.
प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोशित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बुधवार को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर चले गए. ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल रहीं. हालांकि जिला मुख्यालय सहित सभी सिविल अस्पतालों में तो आसपास के क्षेत्र से स्टाफ बुलाकर व्यवस्थाएं कर ली गईं, लेकिन यदि कर्मचारी आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए तो परेशानी बढ़ जाएगी. इधर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों का निराकरण 21 अप्रैल तक नहीं हुआ तो वे 22 अप्रैल से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे.
गौरतलब है कि अपनी मांगों के समर्थन में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं. 7 अप्रैल से सभी संविदा कर्मचारी काली पट्टी बांधकर संविदा नीति 2025 का विरोध करते हुए संशोधन की मांग कर रहे हैं. इसी क्रम में बुधवार को सामूहिक अवकाश लेकर कर्मचारियों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन देकर अपनी मांग उठाई हैं. इसका असर पूरे जिले में दिखाई दिया.
ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीज रहे परेशान
अहमदपुर. उप स्वास्थ्य केंद्र में 6 संविदा कर्मचारी हड़ताल पर थे। दोपहर करीब 12.30 बजे यहां मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी और ओपीडी में पर्चा बनाने के लिए एक कर्मचारी को लगाया था.पर्चा बनाने वाला कर्मचारी ही दवा भी बांट रहा था. एक महिला चिकित्सक मरीजों को देख रहीं थी. उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. केसी मोदिया ने बताया कि एक दिन की हड़ताल पर कर्मचारी गए हैं, हमने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है, जिससे मरीजों को परेशानी न हों.
25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लटका रहा ताला
इछावर क्षेत्र में स्थिति ज्यादा खराब थी। यहां के सिविल अस्पताल में 60 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अवकाश पर थे. आसपास के क्षेत्र से कर्मचारी बुलाकर व्यवस्थाएं की गईं. ब्लॉक के सभी 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर दिन भर ताला लटका रहा , क्योंकि इन उप स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक या दो संविदा कर्मचारी पदस्थ हैं जो हड़ताल पर थे. सीएचओ भी संविदा कर्मचारी होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं.
आष्टा में 130 कर्मचारी अवकाश पर
सिविल अस्पताल आष्टा में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया. लेकिन यहां वैकल्पिक व्यवस्था कर एक दिन स्थिति तो संभाल ली. लेकिन यदि कर्मचारी अनिश्चितकालीन अवकाश पर जाते हैं तो स्थिति बहुत भयावह हो सकती है. सिविल अस्पताल के कुल 130 संविदा कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारियों को बुलाकर यहां व्यवस्था बनाई गई।
हड़ताली कर्मचारियों ने रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी टाउन हाल के बाहर एकत्रित हो गए थे. सुबह 11.30 बजे यहां से सभी कर्मचारी रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंंने यहां डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन दिया. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अंबर मालवीय ने ज्ञापन देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि 21 अप्रैल तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो वे 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले जाएंगे. इससे होने वाली परेशानी के लिए जिम्मेदार प्रशासन रहेगा.
