
सारनी। एक बार फिर राख बांध के आसपास टाइगर की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है. वहीं दूसरी टाइगर के डर से तेंदुए ने अपना ठिकाना एबी टाइप मे बना लिया है. टाइगर एवं तेंदुए की शहरी क्षेत्र में मौजूदगी को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना जंगल से टाइगर एवं तेंदुआ लगातार सारनी क्षेत्र के आसपास देखने कों मिल रहा है. टाइगर ने एक पखवाडा से राख
बांध,सलेय्या ड्रिलिंग केंप के बाद रानीपुर के आसपास अपना डेरा बना लिया है. बताया जाता है कि टाइगर कों कई स्थानों पर देखे जाने की सूचना पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने सर्च भी किया है.कई जगहों पर टाइगर के पग मार्क मिले है. गौरतलब है कि चूरना के जंगल से सारनी के राख बांध तक टाइगर ने अपनी चहल पहल जारी रखी है. इसे टाइगर की टेरा टेरी भी कहा जाता है.जहां पर अक्सर टाइगर का मोमेंट बना रहता है.हालांकि करीबन सात दिनों मे किसी जानवर के कील यानी शिकार करने की सुचना नहीं मिली है.जानकर लोगो का मानना है कि नपा क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार है. इसी वजह से पशुओं के कील या शिकार की सूचना नहीं मिल पा रही है. ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के पास पालतू पशुओं का टाइगर शिकार करता है तो सूचना मिल जाती है.वनप्राणियों की खोज खबर रखने वाले आदिल खान ने कहा कि टाइगर का मुवमेंट 14 दिसम्बर कों ड्रिलिंग केंप एवं सलेय्या मे टाइगर देखा गया है. टाइगर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है. टाइगर होने की जानकारी के बाद स्थानीय वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी के लोकेशन की जानकारी जुटा रही है.गौरतलब है कि इस क्षेत्र से टाइगर को दो बार टेंकुलाइज़ यानी बेहोश करके पकड़ने के बाद चूरना एवं मंडला के पास बाड़े मे ले जाकर रखा गया है. इन दिनों टाइगर राखबांध से सलेया रानीपुर इलाके मे अपनी टेरेटेरी बना लिया है.टाइगर एवं तेंदुआ होने कि जानकारी पग मार्क मिलने पर जनता को अर्लट किया है.
