उज्जैन: फ्रीगंज ओवर ब्रिज का सपना सिंहस्थ 2028 के पहले पूरा होगा या और भी कोई बाधा आएगी, इसको लेकर परिदृश्य स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. दोबारा जो टेंडर लगाया गया था, वह खुल तो गया है. गुजरात की कंपनी के नाम खुले टेंडर की फाइल अब भोपाल अनुमति के लिए पहुंची है जहां से हरी झंडी नहीं मिल पा रही.सेतु निगम के कार्य पालन यंत्री पीएस पंत ने बताया कि फ्रीगंज ओवरब्रिज का टेंडर खुल चुका है और अनुमति के लिए भोपाल टेंडर कमेटी में फाइल पहुंची है.
गुजरात की कंपनी के नाम खुला टेंडर
चैतन्य कंस्ट्रक्शन कंपनी गुजरात के नाम पर फ्रीगंज ओवर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर खुला है. 71 करोड़ रुपए की लागत से यह ब्रिज बनाया जाएगा. टेंडर ओपन होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पा रहा है. टेंडर कमेटी भोपाल से स्वीकृति होगी उसके बाद कंपनी और सेतु निगम के बीच अनुबंध होगा.
अब जो टेंडर लगाया गया है यह तीसरी बार है.
मुख्य सचिव नाराज
अब 71.13 करोड़ रुपए का नया टेंडर जारी किया गया. फ्रीगंज ओवरब्रिज का टेंडर बार-बार निरस्त होने पर मुख्य सचिव अनुराग जैन सेतु निगम के अधिकारी को फटकार लगा चुके है. अब कहीं जाकर फ्रीगंज ब्रिज निर्माण की एक बार फिर आस बंधी है.
रेलवे ने तो अनुमति दे दी
रेलवे विभाग ने 21.40 मीटर चौड़ा आरओबी बनाने की हरी झंडी दे दी है. रेलवे के हिस्से यानी पटरी पर ब्रिज का निर्माण भी सेतु निगम ही करेगा. रेलवे की ओर से कंसल्टेंट उपलब्ध करवाया जाएगा। सेतु निगम ने ओवरब्रिज की जीएडी (जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग) रेलवे को भेजी थी. इसे रेलवे ने मंजूरी दे दी है, जिससे ओवरब्रिज बनाने की तकनीकी राह भी साफ हो गई है.
फ्रीगंज ओवर ब्रिज पर एक नजर
ब्रिज की कुल लंबाई 230 मीटर होगी. फ्रीगंज तरफ 130 मीटर और चामुंडा माता मंदिर तरफ 100 मीटर रहेगा। कुल चौड़ाई 21.40 मीटर होगी. दोनों तरफ 9-9 मीटर चौड़े रोड होंगे. 1.5-1.5 मीटर के फुटपाथ बनेंगे. 0.40 मीटर का डिवाइडर बीच में होगा. सेंट्रल लाइटिंग भी लगाई जाएगी, पुराने ब्रिज को भी चौड़ा किया जाना है, यदि सिंहस्थ के पहले नया ब्रिज बन गया और समय बचा तो पुराने ब्रिज को चौड़ा कर देंगे.
इनका कहना है
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा भूमि पूजन कर दिया गया है तो निर्माण भी अवश्य होगा और लोकार्पण भी, फ्रीगंज ओवरब्रिज का निर्माण अवश्य किया जाएगा. इसके लिए टेंडर खुल चुके हैं. गुजरात की कंपनी को टेंडर मिला है, अनुमति के लिए फाइल भोपाल गई है, स्वीकृति के बाद आगे की प्रक्रिया होगी.
पीएस पंथ, ईई, सेतु निगम
