उज्जैन: इस्कॉन और महाकालेश्वर मंदिर समिति गीता ग्रन्थ से सम्बंधित 69 हजार रुपयों के भुगतान को लेकर आमने -सामने है। महाकालेश्वर मंदिर में गीता जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें अंतरराष्ट्रीय इस्कॉन प्रबंधन उज्जैन द्वारा गीता पुस्तक महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को उपलब्ध कराई थी जिसका बिल अब तक बकाया है.भुगतान नहीं होने पर इस्कॉन प्रबंधन कई बार महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को मौखिक और लिखित में अवगत करा चुका है. बावजूद इसके लंबा समय बीत जाने के बाद भुगतान नहीं हो पा रहा है.
फाइल बनी फुटबॉल
इस्कॉन मंदिर पीआरओ पंडित राघव दास महाराज ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ के माध्यम से गीता जयंती पर गीता पुस्तक उपलब्ध कराई गई थी, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है. फाइल को फुटबॉल बना दिया है.हालाँकि गीता धार्मिक ग्रंथ को वितरित किए जाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ही इस्कॉन को निर्देशित किया गया था. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने आयोजन पश्चात इस्कॉन को साधुवाद भी दिया था. इस के बावजूद बकाया धनराशि नहीं दी जा रही.
इधर,इस्कॉन ने बताया कि मात्र 69 हजार के लगभग राशि बकाया है, इसका भुगतान मंदिर प्रबंध समिति द्वारा नहीं किया जा रहा है. बार-बार आवेदन निवेदन करने के बावजूद इस्कॉन मंदिर ट्रस्ट को कोई संतोष जनक जवाब उपलब्ध नहीं कराया जा रहा. जिला कलेक्टर नीरज कुमार को भी इस घटनाक्रम से अवगत कराया जा चुका है.
इसी बीच जब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के जिम्मेदारों से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि गीता जयंती का कार्यक्रम जब किया गया था तब मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ थे।
अब उक्त फाइल को देखना और ढूंढना पड़ेगा. विषय वस्तु जानकार बकाया बिल का भुगतान कर दिया जाएगा.इधर, इस्कॉन प्रबंधन ने कहा है कि मौजूदा महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक को भी अवगत कराया जा चुका है कि गीता पुस्तक का बिल बकाया है, ऐसे में उनका कहना है कि वर्क आर्डर बता दीजिए बिल भुगतान के प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी.
जल्द ही कर देंगे
पहले भी बताया गया है कि यदि किन्हीं कारणों से बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है तो वह जल्द ही कर दिया जाएगा. कुछ मामले ऑडिट में पेंडिंग रहते हैं, फाइल देखकर निराकरण होने पर बिल का भुगतान हो जाएगा.
प्रथम कौशिक, प्रशासक, महाकाल मंदिर
