नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को इटली के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी से मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस बैठक से लोकतंत्र एवं निष्पक्षता के साझा मूल्यों पर आधारित दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को बल मिला है। बातचीत में दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और इस भागीदारी को आगे बढ़ाने के लिए नए रास्तों पर विचार किया।
मंत्रालय ने कहा कि यह बैठक नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की बैठक में तय संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 को उद्देश्यपूर्ण गति के साथ आगे बढ़ाने सुगम व्यापार प्रवाह को बढ़ावा देने, निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने और ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि दोनों देशों को लाभ पहुंचाने वाली समृद्ध, पारस्परिक रूप से लाभकारी भागीदारी का मार्ग प्रशस्त हो सके।
भारत-इटली का आपसी व्यापार 2023-24 में लगभग 15 अरब डॉलर था जबकि वर्ष 2000 से अब तक इटली से भारत में लगभग चार अरब डालर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होने का अनुमान है।
श्री गोयल और श्री तजानी की बैठक में दोनों नेताओं ने भारत की गतिशील और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की प्रासंगिकता को स्वीकार किया तथा विकास और समृद्धि प्राप्त करने के लिए व्यापार संबंधों में विविधता लाने और आर्थिक संबंधों को विस्तृत करने के महत्व पर बल दिया।
बैठक में यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता की प्रगति पर भी चर्चा की और वार्ता को सुव्यवस्थित करने के लिए व्यापार मुद्दों को प्राथमिकता देने और उभरते जोखिमों के खिलाफ व्यापार को स्थिरता प्रदान करने के लिए जुझारू मूल्य-वर्धन श्रृंखलाओं का निर्माण करने हेतु व्यावसायिक रूप से सार्थक पैकेज देने के महत्व पर बल दिया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने दवा, कपड़ा, डिजिटल विनिर्माण और तकनीकी सहयोग, रत्न एवं आभूषण, जहाज निर्माण, ऊर्जा पारगमन और कृषि-तकनीक तथा खाद्य प्रसंस्करण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया है।
बयान में यह भी कहा गया है कि इटली ने अपने व्यापार संबंधों में विविधता लाने के लिए भारत के साथ रणनीतिक साझेदार के रूप में जुड़ने की आवश्यकता को पहचाना है। दोनों मंत्रियों ने पहले भारत-इटली व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंच के पूर्ण सत्र में भाग लिया और भारतीय और इटली के व्यापार जगत के अग्रणी व्यक्तियों के साथ बातचीत भी की गयी।
