विंध्य की डायरी
डा0 रवि तिवारी
अपनी ही सरकार को हर बार कटघरे में खड़ा करने वाले भाजपा विधायक सहित अनुशासनहीन भाजपा नेताओं के खिलाफ संगठन ने शिकंजा कसना शुरू किया है. साथ ही भविष्य को लेकर अल्टीमेटम भी दे दिया है. सत्ता-संगठन के बीच डेढ़ घंटे विचार विमर्श के साथ चिंतन हुआ और नेताओं को समझाइश देने के साथ दो टूक में कहा गया कि आप जनप्रतिनिधि है, हर बात दायरे में रहकर करे, नही तो किसी को बक्शा नही जायेगा. दरअसल कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े करने वाले मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने हाल ही में नईगढ़ी थाने पहुंचकर कहा था ‘अरेस्ट मी’….फिर क्या था कई घंटे तक थाने में कार्यकर्ताओ के साथ बैठे रहे.
आला अफसरो ने कोई मान मनौअल नही की. लेकिन इस बार संगठन ने मुख्यालय में पेशी जरूर कर दी और बंद कमरे में सत्ता-संगठन ने समझाइश दी. विधायक जी ने भी अपनी बात रखी. लगातार सुर्खियो में रहने वाले विधायक का यह कोई हाई वोल्टेज ड्रामा पहली बार नही था. इसके पहले भी पार्टी की किरकिरी कर चुके है. इस बार देवतालाब विधानसभा में हस्तक्षेप करने विधायक जी पहुंच गये थे जो यहा के विधायक गिरीश गौतम को नागवारा गुजरा और मामला हाइलेवल तक पहुंच गया. सत्ता और संगठन ने समझाइश की घुट्टी पिलाई है, देखना यह है कि विधायक जी आगे क्या करते है?
मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं
भाजपा में पार्टी गाइड लाइन छोड़ कर बयानबाजी करने और पार्टी के साथ सरकार की छवि खराब करने के मामले में संगठन ने सख्त रवैया अपनाया है. कदाचरण खासकर मातृशक्ति के मामले में संगठन बेहद गंभीर है. विंध्य में दो नेताओ को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा कर साफ संदेश दिया है कि किसी भी हालत में मातृशक्ति का अपमान बर्दास्त नही किया जायेगा. अब सतना के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर महिला से छेड़छाड़ अश्लील चैट वायरल करने और धमकी देने के आरोप के बीच पार्टी ने निष्कासित कर दिया है. संघ के स्वयं सेवक का भाजपा से नाता जुडऩे के बाद छवि में इतनी गिरावट आई कि कदाचरण का आरोप लगते ही निष्कासन की कार्यवाई का सामना करना पड़ा. पार्टी के इस निर्णय से अनुशासन के प्रति संगठन ने अपने सख्त रूख का पक्ष स्पष्ट कर दिया है. इसके पहले सीधी जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह पर लगे आरोप के बाद पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया था.
शंकराचार्य ने दिखाया आइना
ज्योतिष पीठ, बदरिकाश्रम के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद जी महाराज ने कहा कि भारत की राजनीति भारतीय संस्कृति से विमुख हो रही है..जब-जब भारत की राजनीति भारतीय संस्कृति से विमुख हुई साधु संत और धर्माचार्य ने सामने आकर राजनीति को परिष्कृत किया है. अपने तल्ख तेवर के लिए लोकप्रिय शंकराचार्य जी ने कहा कि हमें राजनीति नहीं करनी है. हमें भारतीय राजनीति को परिष्कृत करना है. भारत में गौ माता सुरक्षित नहीं है, हम जिन्हें वोट दे रहे हैं वही जनप्रतिनिधि और सरकारे गाय को कटवा रही है. दो दिवसीय प्रवास पर सतना पहुंचे शंकराचार्य ने हिंदू राष्ट्र को लेकर कहा कि भारत हमेशा से हिंदू राष्ट्र ही रहा है, वर्तमान में भी हिंदू बहुमत में है. लेकिन संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने के नाम पर सत्ताधारी सरकार हिन्दुओं के साथ छलावा कर रही है. हिन्दू राष्ट्र घोषित करना सरकार का जुमला है
