
कैंट बोर्ड कार्यालय में जनसमस्याओं के लिए आयोजित हुई थी बैठक
जबलपुर। कैंट बोर्ड कार्यालय में गुरूवार को उस वक्त हंगामा हो गया जब बोर्ड के पूर्व सदस्यों ने कैंट बोर्ड प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवाद करना शुरू कर दिया। विवाद की स्थिति देख कैंट बोर्ड सीईओ अभिमन्यु सिंह ने मोर्चा संभालते हुए पूर्व सदस्यों की हर एक बात व सुझाव पर अपना भी पक्ष रखा। विदित हो कि बैठक का आयोजन कैंट की जनता से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए किया गया था लेकिन यहां कैंट बोर्ड प्रशासन की कार्यशैली पर पूर्व सदस्यों ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिए जिससे माहौल काफी गरमा गया।
जानकारी के अनुसार कैंट बोर्ड कार्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में विधायक के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें संर्विदा कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पूरा वेतनमान देने, शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता रखने सहित अन्य मुद्दों को उठाया गया, साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा खंबताल के पास नई चौपाटी खोले जाने का प्रस्ताव दिया गया व सदर मेन रोड के सौंदर्यीकरण करने की मांग, कैंट क्षेत्र की स्ट्रीट लाईटें व पानी की समस्या को दूर करने की मांग, और छोटे व्यापारियों के लिए हॉकर जोन के निर्माण की मांग को रखा गया। इसके अलावा बैठक में कैंट बोर्ड कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद किए जाने की बात पर विशेष आपत्ति दर्ज कराई गई और कहा गया कि कैंट बोर्ड के गेट नंबर 1 को जल्द से जल्द खोला जाए। इस अवसर पर, सुंदर अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष आशीष राव, सौरभ गोयल, पूर्व पार्षद अजय पदम,पूर्व पार्षद संजय जैन, संजय वर्मा, संजय कपूर, आकाश मलिक, ज्योति रेड्डी, डॉ ऋषि बावरिया, व छावनी परिषद के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इनका कहना है
–एक ठेकेदार जो खुद पढ़ा लिखा नहीं है उसके द्वारा छावनी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है और कमीशन की आड़ में छावनी के शिक्षकों व संविदा कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैंट बोर्ड सीईओ इन सभी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। कर्मचारियों की समस्याओं का पता इसी बात से ही लगाया जा सकता है कि सीईओ के खुद गार्ड ने वेतन के चक्कर में नौकरी छोड़ दी है।
–सुंदर अग्रवाल, पूर्व सदस्य, कैंट बोर्ड जबलपुर
