बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब, संविधान और सामाजिक न्याय पर हमला अस्वीकार्य: जीतू पटवारी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजस्थान के अलवर में हुई एक घटना की कड़ी निंदा करते हुए बीजेपी को दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी बताया है। अलवर में बीजेपी के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा द्वारा दलित नेता और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर में पूजा करने के बाद उसे गंगाजल से “शुद्ध” करने की घटना पर श्री पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने इस कृत्य को न केवल जूली का अपमान बताया, बल्कि इसे पूरे दलित समाज, बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान और सामाजिक समानता की भावना के खिलाफ एक षड्यंत्र करार दिया। पटवारी ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर अलवर के एक श्रीराम मंदिर में टीकाराम जूली ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की थी, लेकिन अगले ही दिन बीजेपी नेता आहूजा ने इस पवित्र कार्य को अपवित्र बताकर मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करने का दावा किया।

श्री पटवारी ने इसे बीजेपी का असली चेहरा बताते हुए कहा कि यह पार्टी दलितों को मंदिर में पूजा करने का अधिकार भी नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि ज्ञानदेव आहूजा की सफाई किसी काम की नहीं है, सच्चाई यही है कि बीजेपी की जातिवादी सोच एक दलित नेता का मंदिर में प्रवेश बर्दाश्त नहीं कर सकी।मध्य प्रदेश में बीजेपी के दलित विरोधी इतिहास का हवाला देते हुए पटवारी ने सीधी, मंदसौर, शिवपुरी और सागर में हुई दलित अत्याचार की घटनाओं का उल्लेख किया और बीजेपी सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक तरफ बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर दिखावटी सम्मान प्रकट करती है, वहीं दूसरी तरफ उनके नेता दलितों को अपमानित करते हैं।

पटवारी ने बीजेपी पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी बार-बार संवैधानिक मूल्यों को कुचलने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि दलित समाज अब अपने अपमान को चुपचाप नहीं सहेगा और कांग्रेस पार्टी हमेशा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी रहेगी।उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि क्या दलित समाज सिर्फ वोट बैंक है और क्या उन्हें मंदिर में पूजा करने का भी अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि बीजेपी ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और पूरे दलित समाज से माफी मांगे। उन्होंने आहूजा के निलंबन को महज एक दिखावा बताया।

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