
जबलपुर। मंगलवार को सूर्यदेव ने झुलसा दिया। पारा 41 डिग्री पार हो गया। धरती तप गई। दिनभर सूर्यदेव तमतमाये रहे। दिन चढऩे के साथ ही सूर्यदेव के तेवर उग्र होते गए। कूलर, पंखे तक बेअसर होने लगे थे। मौसम की अचानक बदली रंगत के साथ लू का भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।
मौसम विभाग की माने तो पश्चिमी विक्षोभ एक ट्रफ़ के रूप में पछुआ पवनो में अपनी धुरी के साथ औसत माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर, 54 डिग्री पूर्वी देशांतर व 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में विस्तृत है। पश्चिमी राजस्थान से पश्चिमी विदर्भ तक माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ़ विस्तृत है। मध्य महाराष्ट्र और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण विस्तृत है।
दिन के साथ रात भी हुई गरम
दिन के साथ रातें भी गरम हो चली है। दिन के साथ अब रात में भी गर्मी का असर बढऩे से बेचैनी बढ़ गई है। दिन और रात के तापमान में अचानक से बढ़ोत्तरी हुई है इसके साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
ऐसा रहा तापमान
मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य ये एक डिग्री कम रहा। सुबह के वक्त आद्रता 38 और शाम को 29 प्रतिशत दर्ज की गई। पश्चिमी हवाएं चार से पांच किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
नौनिहालों पर पड़ा असर
भीषण गर्मी का नौनिहालों पर भी असर पड़ रहा है। नई शिक्षा नीति लागू होने से स्कूल चले हम योजना के अनुसार प्रवेश उत्सव के साथ नवीन सत्र आरंभ हो गया किन्तु स्कूलों में दिन वाली पाली में अधिक गर्मी एवं सूनी-सूनी सडक़ होने के कारण अधिकांश पालक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। मध्यप्रदेश राज्य अधिकारी कर्मचारी संघ के दिलीप सिंह ठाकुर, भास्कर गुप्ता, राशिद अली, आकाश भील, अजब सिंह, धर्मेंद्र परिहार, सुल्तान सिंह, अजब सिंह, पुष्पा रघुवंशी, कल्पना ठाकुर, विश्वनाथ सिंह, दिलीप अग्रवाल, यू सी राय, संतोष बोहरे, वेंकट वांन्द्रे, नितिन तिवारी ने जिला प्रशासन से मांग है कि भीषण गर्मी को देखते हुए शासकीय शालाओं का समय सुबह पाली में संचालित करने का आदेश जारी करें ताकि शासकीय स्कूलों में भी उपस्थित बढ़ सकें।
