विंध्य की डायरी
डा0 रवि तिवारी
भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और कार्यकर्ता पार्टी के रीढ़ माने जाते है. कार्यकर्ताओं को जो महत्व भाजपा में मिलता है शायद ही किसी पार्टी में मिलता हो. लेकिन जब कार्यकर्ताओं को तरजीह न दी जाय तो नाराजगी स्वभाविक है. यह बात है और है कि खुल कर कोई कार्यकर्ता नही बोलता. दरअसल एक बार फिर ऊर्जाधानी की पालक मंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री संपतिया उइके ने कार्यकर्ता को निराश किया है. अपने दूसरे दौरे में भी उन्होने कार्यकर्ताओ को कोई तरजीह नही दी.
ऐसा लगता है कि कार्यकर्ता उनके लिये कुछ नही है. यह पार्टी की परम्परा के विपरीत भी है. हाल ही में पालक मंत्री का दौरा हुआ, तीन दिवसीय निर्धारित दौरा था जो दो दिन में ही सिमट गया. अधिकृत रूप से कार्यक्रम जारी किया गया था जिसमें कार्यकर्ताओ से मेल मुलाकात होनी थी पर अचानक पालक मंत्री कार्यकर्ताओं से मिले बगैर वापस लौट गई.
इसके पूर्व फरवरी महीने में भी कार्यकर्ताओं से मिलने का समय दिया गया था पर भेंट नही की. जिसकी शिकायत कार्यकर्ताओं ने की थी, एक बार फिर निराशा हाथ लगी. दरअसल भाजपा में अभी तक की यह परम्परा रही है कि जिले के पालक मंत्री जिले में भ्रमण के दौरान कार्यकर्ताओ के साथ मेल मुलाकात कर उनसे क्षेत्रीय समस्याओ से रूबरू होते रहे है. लेकिन धीरे-धीरे यह परम्परा समाप्त होती जा रही है जो कि चिंता का विषय है. पार्टी के कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी तक अंदर ही अंदर नाराज है और आग सुलग रही है.
कांग्रेसियों में पुतला दहन का साहस नहीं
विंध्य में कार्यकर्ताओ को नई ऊर्जा प्रदान करने और सरकार के खिलाफ एक होकर लडऩे का आव्हान कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस के दिग्गज नेताओ ने किया. अनुशासन, एकता का पाठ पढ़ाते हुए वीर रस से पूर्ण लम्बे चौड़े भाषण की घुट्टी पिलाई गई थी और उसका परिणाम यह निकला कि परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक का चालान लोकायुक्त द्वारा न्यायालय में पेश न करने के विरोध में प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फूकने का साहस रीवा के कार्यकर्ता नही कर पाये.
कांग्रेस के शहर कार्यवाहक अध्यक्ष एवं तीनो ब्लाक अध्यक्ष के नेतृत्व में सिरमौर चौराहा स्थित पार्टी कार्यालय के अंदर पहले पुतला जलाया और फिर सडक़ पर लाकर फेक दिया. गिन कर एक दर्जन कार्यकर्ता थे और इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के खिलाफ कैसे खड़े होगे और जनता के हितो की लड़ाई लडऩा इनके बस की बात नही है. रीवा में प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश अध्यक्ष के नसीहत की हवा निकल गई.
प्रदेश के मुखिया माँ शारदा की शरण में
प्रदेश के मुखिया डा0 मोहन यादव रामनवमी के दिन मैहर में माँ शारदा के शरण में पहुंचे. पारम्परिक पोशाक धोती कुर्ता में पहुंचकर मैहर वाली माँ शारदा के दर्शन पूजन कर प्रदेश एवं देश वासियो के सुख समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की. साथ ही मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की सभी को बधाई दी. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पहले से ही प्रशासन ने तैयारी कर रखी थी. चाक चौबंद व्यवस्था के बीच सीएम ने मातारानी के दर्शन किये. तत्पश्चात मैहर में आयोजित रोड शो कार्यक्रम में शामिल हुए.
