करुणा का भूमंडलीकरण केवल भारत ही कर सकता है- कैलाश सत्यार्थी

भोपाल। एनआईटीटीटीआर भोपाल में 61वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस अवसर पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सत्यार्थी ने NITTR को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरी दुनिया का विकास परस्पर सहयोग से ही संभव है. व्यक्ति में दया एवं करुणा से ही संवेदनशीलता का विकास होता है. करुणा का भूमंडलीकरण केवल भारत ही कर सकता है. उन्होंने कहा कि मनुष्य को मन, वचन व कर्म से ईमानदार होना चाहिए जिससे समाज का समग्र विकास हो सके. एक शिक्षक का स्थान कोई कंप्यूटर नहीं ले सकता. आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के साथ कंपैशनेट इंटेलिजेंस भी आवश्यक है.

NITTR के डायरेक्टर प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने संस्थान की 61 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को लेकर कहा कि किसी भी संस्थान का स्थापना दिवस उसके गौरवशाली अतीत पर गर्व करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए अपने आप को तैयार करने का होता है, प्रो. त्रिपाठी ने संस्थान की उपलब्धियों, कार्यक्षेत्र व कार्यप्रणाली का विवरण दिया,NITTR भोपाल के डीन कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स प्रो. पी.के पुरोहित ने कैलाश सत्यार्थी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में कहा कि उनका बचपन बचाओ आन्दोलन 144 देशों में विस्तारित हो चुका है जिस कारण आज वे विश्व मंच पर करुणा, साहस और सत्यनिष्ठा का पर्याय बन चुके है. इस अवसर पर NITTR एवं कैलाश सत्यार्थी पर बनी लघु फिल्मो का प्रदर्शन किया गया. निटर में प्रस्तावित एआई एमएल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की लैब का नामकरण कैलाश सत्यार्थी के नाम पर किया गया. इस अवसर पर संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में श्रीमती सुमेधा सत्यार्थी, श्रीमती वंदना त्रिपाठी, प्रो. आर. के दीक्षित, प्रो. संजय अग्रवाल एवं अन्य संस्थानों से विशिष्ट अतिथि उपस्तिथ रहे. कार्यक्रम का आभार ज्ञापन मेजर निशांत ओझा ने दिया व संचालन अनीता लाला द्वारा किया गया.

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