
झाबुआ। जिले में लगातार पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल द्वारा ग्राम एवं नगर रक्षा समिति सम्मेलन का आयोजन कर क्षेत्रीय ग्रामीणों के बीच सुरक्षा, शिक्षा, डीजे नहीं बजाने, यातायात नियमों, सामाजिक कुरीतियों, साइबर अपराध, महिला अपराधों आदि मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर लगातार समझाइश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक शुक्ल द्वारा डीजे की तेज आवाज़ के दुष्प्रभावों के बारे में आमजन के बीच जाकर लगातार समझाइश दी जा रही है, कि तेज आवाज से न केवल मानसिक तनाव उत्पन्न होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर डीजे की तेज आवाज़ का बुरा असर पड़ता है। डीजे बजाने से उसकी तेज आवाज से गर्भवती महिलाओं के बच्चे शारीरिक रूप से कमजोर पैदा होते हैं व डीजे की तेज आवाज से बुजुर्गाे के दिल व दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे उनकी जान भी जा सकती है। इधर,5 अप्रेल की शाम को सूचना मिली की चौकी पिटोल क्षेत्र में एक व्यक्ति अपनी आयशर गाडी क्रमांक जीजे-03-बीवाय-8855 में डीजे साउंड सिस्टम रखकर शासन के नियमों के विपरीत तेज ध्वनि से डीजे बजा रहा है। उक्त सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली की पुलिस टीम ग्राम बडी बावडी पहुंची, जहां कचरा पिता खीमा बबेरिया निवासी बडी बावडी के यहां शादी के कार्यक्रम में उक्त नंबर के आयशर वाहन के अंदर डीजे सिस्टम रखकर बहुत तेज ध्वनि से बजा रहा था। वाहन का चालक पुलिस की गाडी को देखकर अपना डीजे वहीं छोडकर वहां से भाग गया।
