
अशोकनगर। जिले की बहादुरपुर तहसील क्षेत्र के 5 गांवों में शनिवार दोपहर को आग लग गई। यह आग खेतों में खड़ी गेंहू की फसल में लगी और तेज हवा के कारण बढ़ती ही चली गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को फसल बचाने का मौका ही नहीं मिला। करीब एक घंटे बाद जब आग पर काबू पाया जा सका, तब तक करीब 1500 बीघा में खड़ी गेंहू की फसल जलकर राख बन चुकी थी। आगजनी का कारण एक खेत में भूसा बना रही मशीन को बताया गया है। किसानों का कहना है कि भूसा बनाने की मशीन से चिंगारी निकली थी, जिससे आग भड़की। इस मशीन को ले जाने आए एक पुलिसकर्मी एवं किसानों के बीच झड़प हो गई। किसानों का कहना था कि पुलिसकर्मी ने उन्हे गालियां दी और अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया। जिसके बाद आक्रोशित हुए किसान पुलिसकर्मी पर कार्रवाई एवं 45 हजार रुपए बीघा मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे 346 ए पर बैठ गए। आगजनी की सूचना मिलने के बाद एसडीएम मुंगावली मनीष धनगर, तहसीलदार आनंद जैन, जनपद पंचायत सीईओ आलोक इटोरिया, थाना प्रभारी अरविंद कुशवाह पहुंच गए थे। जो नुकसान का प्रारंभिक आंकलन करने के बाद जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे थे। बहादुरपुर में नहीं है दमकल: ज्ञात रहे कि बहादुरपुर क्षेत्र में दमकल नहीं है। यहां से सबसे नजदीक मुंगावली नगर परिषद के पास दमकल है। जो आग लगने के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। जब आग पूरी तरह से बुझ चुकी थी तब ईसागढ़, अशोकनगर से भी दमकल आ गई थीं। किसानों का कहना है कि मुंगावली से आई दमकल में पानी ही नहीं था। वह कुछ देर तक बौछारें फैंकने के बाद बंद हो गई। आगजनी पर स्थानीय किसानों ने कहीं मोटरपंप से पानी फैंककर तो कहीं पंजा चलाकर काबू पाया। कई किसानों के पाईप, मोटरपंप, बिजली के तार भी आगजनी में जलकर खाक हो गए। कुछ किसानों की झोपडिय़ां भी आग की भेंट चढ़ गईं।
