जकार्ता | इंडोनेशिया में मंगलवार की सुबह कुदरत का कहर देखने को मिला, जब देश के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के बेहद तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप आज सुबह भारतीय समयानुसार 10:26:47 बजे आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.2 दर्ज की गई है, जो काफी शक्तिशाली मानी जाती है। भूकंप के झटके इतने प्रभावी थे कि ऊँची इमारतों में रहने वाले लोग दहशत के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट पर है और भूकंप के केंद्र का सटीक स्थान पता लगाया जा रहा है।
भूकंप की तीव्रता को देखते हुए इंडोनेशिया सरकार ने प्रभावित प्रांतों में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है। हालांकि, शुरुआती खबरों में अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दूरदराज के द्वीपों और ग्रामीण इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं पुरानी इमारतों या बुनियादी ढांचे को कोई क्षति तो नहीं पहुँची है। सरकार ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इंडोनेशिया अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अक्सर भूकंपीय गतिविधियों का सामना करता है, क्योंकि यह ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। आज आए इस 6.2 तीव्रता के भूकंप के बाद संबंधित एजेंसियों ने समुद्र तटीय इलाकों में सुनामी की संभावनाओं का भी विश्लेषण किया है। हालांकि, अभी तक सुनामी का कोई तत्काल खतरा घोषित नहीं किया गया है, फिर भी तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में ‘आफ्टरशॉक्स’ (भूकंप के बाद के झटके) आ सकते हैं, इसलिए लोगों को जर्जर इमारतों से दूर रहने को कहा गया है।

