इंदौर: नगर निगम में आज कोर्ट की कुर्की होने को लेकर हड़कंप मच गया. इसकी वजह यह है कि निगम ने क्षतिपूर्ति राशि के आदेश को नहीं मानते हुए राशि का भुगतान नहीं किया. इसको लेकर आज कोर्ट की नजारत शाखा के कर्मचारियों का बड़ा दल निगम परिसर पहुंचा.आयुक्त दफ्तर और वहां खड़ी अधिकारियों की गाड़ियों को कुर्क करने की कारवाई करने लगे.
जिला कोर्ट की नजारत शाखा के कर्मचारियों ने निगम परिसर में कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों को इसकी जानकारी लगी तो भगदड़ मच गई. दरअसल राजमोहल्ला से बड़ा गणपति चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण में निगम द्वारा निजी मकान तोड़े गए थे. इसको लेकर पीड़ित रविशंकर मिश्र निवासी 19 गणेशगंज ने हाई कोर्ट में क्षतिपूर्ति याचिका दाखिल की थी. हाई कोर्ट ने याचिका के निराकरण का जिला कोर्ट का आदेश दिया. जिला कोर्ट ने पीड़ित रविशंकर और निगम की सुनवाई करते हुए पीड़ित को सन 2022- 23 में दो करोड़ 19 लाख रुपए की राशि अदा करने का आदेश दिया था. निगम ने इस मामले में कोर्ट आदेश पर कोई कारवाई नहीं की.
समझाइश के बाद आगे बढ़ाई कार्रवाई
निगम द्वारा राशि नहीं देने के विरुद्ध पीड़ित ने बजावरी प्रकरण लगाकर निगम के खिलाफ कुर्की के आदेश कर दिए. बजट बहस के दौरान आज कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नजारत शाखा के कर्मचारियों का दल कुर्की करने पहुंच गया. बताया जाता है कि अधिकारियों की समझाइश के बाद कोर्ट के कर्मचारी कुर्की कारवाई कल तक के लिए आगे बढ़ा कर चले गए
