मुंडारी और हो जैसी आदिवासी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल किये जाने की मांग

नयी दिल्ली 02 अप्रैल (वार्ता) राज्यसभा में बुधवार को अनेक राज्यों में बोली जाने वाली मुंडारी , हो और भूमिज जैसी आदिवासी भाषाओंं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किये जाने की मांग की गयी।

बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने शून्यकाल में यह विषय उठाते हुए कहा कि ये भाषाएं अनेक राज्यों के लाखों लोगों द्वारा बोली जाती हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा विधानसभा इस बारे में पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ये भाषाएं देश की विरासत हैं और इनका संरक्षण जरूरी हैं इसलिए इन्हें संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह दी जानी चाहिए।

कांग्रेस के नीरज डांगी ने वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी की 18 प्रतिशत की दर को कम कर पांच प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे वृद्धजनों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि बढती उम्र में उनकी स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम राशि वैसे ही बढती रहती है। उन्होंने आयुष्मान योजना में 70 वर्ष की उम्र में दिये जाने वाले लाभों के लिए उम्र सीमा 60 वर्ष किये जाने की भी मांग की।

आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने बिना नियम कानूनों के चलाये जा रहे ई रिक्शा के कारण सड़कों पर अराजकता की स्थिति उत्पन्न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ई रिक्शा के कारण मेट्रो स्टेशनों और बाजारों में जाम लगा रहता है। उन्होंने कहा कि रिक्शा में क्षमता से अधिक आठ से दस लोग बैठाये जाते हैं जिससे इनके पलटने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि ई रिक्शा चालकों के पास न तो लाइसेंस होता और न ही उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता इसलिए वे खतरनाक तरीके से सड़कों पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि जब टैक्सी आटो रिक्शा के लिए सख्त नियम हैं तो ई रिक्शा के लिए नियम क्योंं नहीं हैं । उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में ही ढाई लाख ई रिक्शा हैं । इनके पास न तो लाइसेंस हैं और न ही इनका पंजीकरण किया जाता। सदस्य ने कहा कि नियम तोडने पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के रीताब्रता बनर्जी ने विभिन्न कंपनियों द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि के कर्मचारियों की भविष्य निधि राशि जमा नहीं कराये जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के अनुसार कर्मचारियों की 26 हजार करोड रूपये की भविष्य निधि राशि जमा नहीं करायी गयी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई कंपनी कर्मचारी के वेतन से उसका पीएफ काट लेती हैं लेकिन नियोक्ता की ओर से अंशदान जमा नहीं कराया जाता।

तृणमूल कांग्रेस के मोहम्मद नदीमुल हक ने भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष से वापस लौटने का स्वागत करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की मांग की। उन्होंंने कहा कि सुनीता विलियम्स की उपलब्धि पर देश भर में खुशी मनायी गयी थी।

भाजपा की दर्शना सिंह ने स्कूलों में शिक्षकों तथा छात्रों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में दुर्घटनाएं होती रहती हैं और समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से कई जान बचायी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रशिक्षित छात्र और शिक्षक विद्यालयों में तो मदद कर ही सकेंगे वे जरूरत पड़ने पर बाहर भी किसी की जान बचा सकेंगे।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डा वी शिवादासन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाक्टरों और कर्मचारियों को बेहद कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि इनी नौकरी भी स्थायी नहीं होती और इन्हें समय पर वेतन का भगुतान भी नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इस मामले में राज्य सरकारों की मदद करनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दिये जाने का विषय उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के आंदोलन पर सकारात्मक पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि किसान एमएसपी नहीं मिलने पर खुले बाजार की ओर अधिक रूख करते हैं। सदस्य ने कहा कि मूल्य निर्धारित करने वाली समिति में किसानों के प्रतिनिधि नहीं होते।

तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने पेंशनभोगियों को पेंशन मिलने में देरी का मुद्दा उठाया और कहा कि यह जीवन भर सेवा करने वाले कर्मचारियों के बुढापे का सहारा होता है इसमें देरी नहीं की जानी चाहिए।

शून्यकाल शुरू होने से पहले सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि चार सदस्यों तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी , मार्क्सवादी के जॉन ब्रिटास , कांग्रेस की रेणुका चौधरी और भाजपा के सामिक भट्टाचार्य ने क्रमश डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ,अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ नीति और पश्चिम बंगाल में हिन्दू संपत्तियों पर हमले के मुद्दों पर नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिये हैं। सभापति ने कहा कि ये नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं हैं इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया गया है।

श्रीमती चौधरी के सदन में मौजूद नहीं होने का संज्ञान लेते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि सदस्य को नोटिस देने के साथ साथ सदन में उपस्थित भी रहना चाहिए।

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