
सीधी। चैत्र नवरात्र के प्रारंभ होते ही देवी मंदिरों में पूजा अर्चना के लिये भक्तों की भीड़ उमडऩा शुरू हो गई । भोर से ही देवी मंदिरों में भक्त जलाभिषेक करने के लिये पहुंचना शुरू हो गए। यह सिलसिला नवरात्रि के सभी दिनों में बना रहेगा। सम्पूर्ण वर्ष में चैत्र, आषाढ़ अश्विन एवं माघ मास में नवरात्र पर्व मनाया जाता है। इन मासों के शुक्ल पक्ष के प्रथम नौ दिन दुर्गा आराधना के लिए प्रशस्त माने गये है जिन्हें नवरात्र कहा जाता है। आज का
पर्व गुड़ी पड़वा के नाम से भी जाना जाता है।
