रीवा, एनजीटी ने अल्ट्राटेक सीमेंट बेला रीवा के आसपास पर्यावरण की जांच करने और आम लोगों की समस्या का समाधान कर जांच रिपोर्ट 6 हफ्ते में पेश करने के निर्देश जांच कमेटी और रीवा कलेक्टर को दिए हैं. पर्यावरण को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर 23 मई को जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है.
याचिकाकर्ता अनूप कुमार सिंह निवासी रीवा द्वारा बताया गया कि दिनांक 18 दिसंबर को अल्ट्राटेक सीमेंट बेला रीवा में आयोजित ईसीसी जनसुनवाई में भाग लिया था एवं सीमेंट प्लांट द्वारा पर्यावरण कानूनों एवं गाइड लाइन का खुलेआम उल्लंघन किये जाने को लेकर गंभीर चिंता एवं आपत्ति दर्ज कराई गई. साथ ही खदानों में भी आईबीएम के दिशा निर्देश का पालन न करनें के कारण उड़ती धूल एवं ग्रीन बेल्ट की कमी एवं आस पास के रहवासी की समस्याओं के निदान के सुझाव दिया गया ओर पर्यावरणीय मानकों को सही तरीके से शासन के गाइड लाइन एनजीटी रेगुलेशन का पालन किये बिना नये सीमेंट प्लाट का ईसी सर्टिफिकेट न देने का सुझाव दिया गया. इसके बाद मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन, जिला कलेक्टर व अन्य उत्तरवादीगण को रिप्रजेन्ट्रेशन दिया गया है. लेकिन कोई कार्यवाही न किये जाने से राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण भोपाल एनजीटी के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई. वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता का पक्ष मजबूती से रखा. जिसे राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण भोपाल द्वारा याचिकाकर्ता की याचिका स्वीकार करते हुए उत्तरवादीगण को नोटिस जारी कर दिनांक 23 मई तक जवाब प्रस्तुत करने के लिए आदेश जारी करते हुए याचिका में पर्यावरण का उल्लंघन एवं आम जनता की समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है. जिसमें सम्मिलित सदस्य मेबर सिकेटरी सीजीडब्ल्यूए न्यू दिल्ली, जिला कलेक्टर रीवा, मेमबर सिकेटरी एमपीपीसीबी भोपाल जिसे तथ्यों की जांच एवं कार्यवाही की जांच रिपोर्ट 6 हप्ते में एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये गये है.