घंटों सर्चिंग के बाद नहीं मिले बच्चे

कुुंडम के जंगल में छोड़ी गई मादा तेंदुआ

 

वन विभाग की टीम ने कहा.. बच्चों के होने की नहीं हुई पुष्टि

 

जबलपुर। आयुध निर्माणी खमरिया की मैग्जीन डिपो में कर्मचारी पर हमला करने वाली मादा तेंदुआ को वन विभाग के टीम ने कुंडम के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया है। सुबोजित रॉय नामक कर्मचारी पर हमले के बाद ओएफके में चर्चा थी कि मादा तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ विचरण कर रही थी तभी मैग्जीन डिपो में बारूद लेने गए कर्मचारी की नजर उस पर पड़ी और फिर तेंदुआ ने कर्मचारी के पैर में हमला कर दिया था। लेकिन वन विभाग की माने तो काफी सर्चिंग के बाद मौके से तेंदुआ के बच्चे नहीं मिले हैं।

टीम को सिर्फ मादा तेंदुआ ही मिली थी, जिसका रेस्क्यू करके टीम ने पहले उसका वेटरनरी कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर्स की मौजूदगी में स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और फिर कुंडम के जंगल में छोड़ दिया। विदित हो कि ओएफके में तेंदुओं की मौजूदगी अक्सर बनी रहती है लेकिन आज तक किसी भी कर्मचारी पर तेंदुए ने हमला नहीं किया । ये पहली बार है जब तेंदुआ ने कर्मचारी पर हमला किया है। जानकारी के अनुसार कर्मचारी की हालत अब ठीक है और उसके पैर में मामूली चोटें ही आईं थीं।

इनका कहना है

–आयुध निर्माणी खमरिया के एफ-6 सेक्शन में मादा तेंदुआ को पकड़कर कुंडम के जंगल में छोड़ दिया गया है। मौके से तेंदुए के बच्चे नहीं मिले, जिन्हें कई घंटों तक सर्च भी किया गया। मादा तेंदुआ के बच्चे ओएफके में थे भी कि नहीं अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

–अपूर्व शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर।

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