
बागली।आदिवासी परियोजना से जुड़ी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की उपस्थिति में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जीरो वर्ष से 3 वर्ष तक के छोटे बच्चों का प्रारंभिक बाल्यावस्था का विकास होना एवं 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों का समग्र बौद्धिक विकास करवाना है। गीत संगीत और कविता के माध्यम से बच्चों का मनोरंजन करते हुए उन्हें खेल-खेल में हमारी संस्कृति और विरासत की जानकारी देना है। प्रशिक्षण के दौरान हमारे संवाददाता को बागली तहसीलदार एवं परियोजना प्रभारी पीहू कुरील ने बताया कि बच्चों का बौद्धिक विकास बचपन में ही हो जाए तो उन्हें समझने और सोचने में मदद मिलती है। इस प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि बच्चों को समय पर पोषण आहार के साथ-साथ बौद्धिक पोषण की भी आवश्यकता रहती है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र सबसे उचित माध्यम है यहां पर कार्यकर्ता लगन और मेहनत से क्षेत्रीय बच्चों को पोषण पूर्ति करते हुए बौद्धिक विकास में सहयोग करें। प्रशिक्षण के दौरान गीत कविता और भजन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आसानी से प्रशिक्षण करवाया गया।
