
मंडला के ग्वारा व ढेकू ग्रांम पंचायत का मामला, अनावेदकों को नोटिस जारी
जबलपुर। मंडला जिले की दो ग्राम पंचायतों में कथित तौर पर हुए लाखों के भ्रष्टाचार संबंधी मामले में कार्यवाही न होने को हाईकोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने दोनों जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने मामलों की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की है।
यह जनहित का मामला मंडला ग्वारा के पंच लेखराम जंघेला की ओर से दायर किया गया है। वहीं दूसरा मामला ढेंकू ग्राम पंचायत के पूर्व पंच दादू लाल सिंघौर की ओर से दायर किया गया है। दोनों ही मामलों में अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ग्वारा में सरपंच व सचिव ने मिलकर व्यापक अनियमित्ताएं की। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जनपद व जिला पंचायत के अधिकारियों से की। उक्त मामले में जनपद पंचायत सीईओं द्वारा जांच की गई और आरोपों को सही पाते हुए रिकवरी व कार्यवाही के लिये जिला पंचायत सीईओं से अनुशंसा भी की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, डायरेक्टर पंचायत राज भोपाल, कलेक्टर मंडला, जिला व जनपद पंचायत सीईओं मंडला, सब इंजीनियर जनपद पंचायत मंडला, ग्वारा ग्राम पंचायत की सरपंच ममता उइके व सचिव अशोक उद्दे को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
जांच प्रतिवेदन पर नहीं हुई कार्यवाही-
वहीं दूसरी जनहित याचिका पर आरोप है कि ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक ने व्यापक भ्रष्टाचार किये। ग्रामीणों की शिकायत पर जनपद पंचायत की ओर से जांच कमेटी गठित की गई और जांच प्रतिवेदन पर अनावेदकों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा की गई, लेकिन ग्रामीणों द्वारा समय पर आवेदन देकर कार्यवाही की मांग किये जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
