
सतना . लक्जरी वाहन पर लगी फ्लैशिंग लाइट और फ्रंट सीट पर बैठा पुलिसकर्मी जहां उसे वीवीआईपी बना रही थी वहीं दूसरी ओर वाहन की नंबर प्लेट पर टेप चिपका होने के कारण वह संदिग्ध भी नजर आ रही थी. मामले को संज्ञान में लेते हुए जब पुलिस ने पड़ताल की तो मालुम हुआ कि ट्रवेल एजेंसी का उक्त वाहन चीफ जस्टिस की पायलेटिंग में लगा हुआ था. टोल बचाने के लिए चालक ने नंबर प्लेट पर टेप चिपका दिया था.
पुलिस की फ्लैशिंग लाइट से सुसज्जित एक लक्जरी वाहन शनिवार की शाम शहर के सर्किट हाउस से मुख्त्यारगंज होते हुए बरदाडीह की ओर जाता नजर आया था. इस वाहन को चला रहा चालक तो सामान्य कपड़े पहने हुए था. लेकिन वाहन की फ्रंट सीट पर बैठा एक पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पहने हुए था. प्रथम दृष्टया लोग इसे वीवीआईपी वाहन मान कर चल रहे थे. लेकिन जैसे ही लोगों की नजर वाहन की नंबर प्लेट पर पड़ी तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. दरअसल वाहन के आगे और पीछे दोनों ओर की नंबर प्लेट के कुछ हिस्से पर काले रंग का टेप चिपकाया गया था. लिहाजा देखते ही देखते उक्त वीवीआईपी वाहन संदिग्ध नजर आने लगा. इसी कड़ी में मामले की जानकारी सीएसपी महेंद्र प्रताप सिंह तक भी पहुंच गई. लिहाजा उन्होंने मातहत अमले को मामले की पड़ताल करने के निर्देश दे दिए. पुलिस द्वारा की गई पड़ताल में सामने आई जानकारी कहीं अधिक चौंकाने वाली निकली.
पायलेटिंग में लगा था वाहन
पुलिस की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई कि उक्त लक्जरी वाहन ऐ टू जेड ट्रवल एजेंसी से अनुबंधित था. जिसकी सेवाएं अक्सर वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान ली जाती हैं. इसी कड़ी में उक्त वाहन को चीफ जस्टिस की पायलेटिंग में लगाया गया था, जिसे मैहर जाना था. लेकिन टोल बचाने के लिए चालक द्वारा नंबर प्लेट के कुछ हिस्से पर काला टेप चिपका दिया गया था. लिहाजा इस कृत्य को नियम विरुद्ध पाते हुए यातायात पुलिस द्वारा 3500 रु का चालान काट दिया गया.
