विधायक विश्नोई ने पत्र लिख की थी शिकायत
जबलपुर: धान उपार्जन के बाद से ही राइस मिलर द्वारा धांधली और गड़बड़ी करना शुरू हो चुकी थी। जिस पर विधायक अजय विश्नोई द्वारा को पत्र लिख इसकी शिकायत भी की गई थी। जिसके बाद कलेक्टर ने जांच दल गठित किया और लगभग एक महीने बाद जांच करने के बाद धान में 30 करोड़ रुपए का घपला सामने आया। अगर उसी समय प्रशासन द्वारा गंभीरता पूर्वक लेते हुए इस पर कुछ तुरंत ही एक्शन लिया जाता तो कई क्विंटल धान आज मिलर्स के हाथों गायब होने से बच जाती। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा 20 मार्च को बाहर के मिलर द्वारा ले जा रही धान में अफरातफरी को लेकर 74 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
चलती रही जांच, उठती रही धान
गौरतलब है कि 30 जनवरी को विधायक अजय विश्नोई द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यह शिकायत की गई थी कि जिले के बाहर ग्वालियर, मुरैना, उज्जैन, मनेरी के राइस मिलर को आरओ जारी किए गए हैं, जिस पर मिलर ने धान उठाने के बजाय स्थानीय दलालों को बेच दिया है। जिस पर कलेक्टर ने टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए थे। जिस पर जांच चलती रही और इस दौरान मिलर द्वारा लगभग 139481 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका था, जो कि स्थानीय मार्केट में खपा दी गई है, जिसकी कीमत लगभग 30 करोड़ 14 लाख 19 हजार 600 रुपए है।
कहां बेची धान, इसकी भी होनी चाहिए जांच
उल्लेखनीय है कि लगभग 18 मिलर द्वारा 324 डीओ के माध्यम से 149481 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है, जांच के निष्कर्ष में बताया है कि मिलर द्वारा धान को स्थानीय मार्केट में खपा दिया है। जिसको लेकर मिलर द्वारा जिन स्थानीय दलालों और व्यापारियों को धान बेची है, उस पर भी जांच होनी चाहिए। जिससे यह सामने आ सके कि जिले के कितने दलाल और व्यापारी मिलर से संपर्क में थे और आगामी उपार्जन के समय वह इस धांधली को ना कर सके।
