
शाजापुर। प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार ने शनिवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बीकेएसएन महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण एवं नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद ग्रंथालय का शुभारंभ किया. साथ ही शाजापुर विधायक अरुण भीमावद से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त होने के बाद कि बीकेएसएन कॉलेज में मर्ज होगा जिले का एकमात्र कन्या महाविद्यालयला परिसर स्थित जिले के एकमात्र शासकीय कन्या महाविद्यालय का संविलियन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शाजापुर में करने की भी घोषणा की.
समारोह में सारस्वत अतिथि के रूप में चेतस सुखडिय़ा, विधायक अरुण भीमावद, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष विपुल कसेरा एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. बीएस विभूति भी मौजूद थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति के संवाहक थे. उन्होंने पूरे विश्व को मानवीय दृष्टिकोण दिया. विद्यार्थी स्वामी विवेकानंद के दर्शन को आत्मसात करें. स्वामी विवेकानंद के विचारों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शामिल किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल रोजगार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र के पुर्ननिर्माण एवं संस्कृति के विस्तार पर भी आधारित है.
आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2047 तक भारत विश्वगुरू के रूप में स्थापित होगा. सभी लोग विचार करें कि राष्ट्र के पुर्ननिर्माण में उनकी भूमिका क्या होगी. भारत की संताने अपने शौर्य और पराक्रम से अब केवल अपने देशवासियों ही नहीं अन्य देशों के भरण पोषण करने में सामथ्र्यवान बनेगा. कार्यक्रम को सारस्वत अतिथि सुखडिय़ा ने भी संबोधित किया. जनभागीदारी समिति अध्यक्ष विपुल कसेरा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय की आवश्यकताओं के संबंध में मांगपत्र का वाचन किया. संचालन छात्रा सुशीला गामी ने किया. आभार प्राचार्य डॉ. विभूति ने माना.
जिले के सभी कॉलेजों में शुरू होंगे नए विषय
मंत्री परमार ने कहा कि शाजापुर के महाविद्यालय के नए भवन की स्वीकृति के साथ ही महाविद्यालय की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी. इसी तरह शाजापुर जिले के समस्त महाविद्यालयों के विकास एवं नए विषय खोलने पर विचार किया जाएगा. जिले के सभी महाविद्यालय अच्छी स्थिति में आएंगे.
