थाने में लिखवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट, शव कंकाल में परिवर्तित
उमरिया: जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जरहा तिराहे से महज 100 मीटर दूर घुलघुली रोड स्थित सुखनारा पुल के पास झाड़ियों के बीच एक शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्ती में जुट गई। शव की हालत अत्यधिक खराब होने के कारण पहचान करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि वह कंकाल में परिवर्तित हो चुका था। काफी प्रयासों के बाद शव की पहचान रायसेन सिंह गोंड (44 वर्ष), निवासी बुढ़ान के रूप में हुई।
घटनास्थल की स्थिति और शव की दशा को देखते हुए पुलिस को प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका हुई। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के बड़े पुत्र मुनेश्वर सिंह (21 वर्ष) को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरू में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस को दिए गए बयान में आरोपी मुनेश्वर सिंह ने बताया कि घटना 1 मार्च 2025 की रात की है।
उसका पिता रायसेन सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर आया और उसकी मां और पत्नी के साथ मारपीट करने लगा। जब मुनेश्वर बीच-बचाव करने आया तो पिता ने उससे भी हाथापाई शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि मृतक ने गुस्से में आकर आरोपी के एक वर्षीय बच्चे को उठाकर फेंक दिया। यह देखकर मुनेश्वर अपना आपा खो बैठा और गुस्से में उसने लकड़ी के डंडे से अपने पिता पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई
हत्या के बाद अपने अपराध को छिपाने के लिए उसने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर शव को मोटरसाइकिल पर लादा और सुखनारा पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि किसी को संदेह न हो। हत्या को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी मुनेश्वर ने 6 मार्च 2025 को नौरोजाबाद थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। वह खुद ही पिता की तलाश करने का नाटक करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, जब पुलिस ने जांच शुरू की और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को खंगाला, तो मामला संदिग्ध लगने लगा। पुलिस ने जब मृतक के परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की, तो कुछ विरोधाभासी बयान सामने आए, जिससे जांच की दिशा मुनेश्वर की ओर मुड़ गई।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के बाद आरोपी मुनेश्वर सिंह और उसके छोटे भाई (जो नाबालिग है) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1), 238(क) 3, 5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
