भोपाल, 13 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन के सदस्यों से अपेक्षा की है कि वे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोपों से बचें और ऐसी शब्दावली का उपयोग न करे, जिससे सदन की परम्परा प्रभावित और कलंकित हो।
विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के कृतज्ञता प्रस्ताव पर पिछले दिनों हुई सदन में चर्चा के दौरान असंसदीय शब्दावली तथा व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप के संबंध में ये व्यवस्था दी है।
श्री तोमर ने कहा कि पिछले दो दिन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बीच में कई बार थोड़ी सी अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। ये किसी को भी उचित नहीं लगा होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और कल पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जो वक्तव्य दिया, वह निश्चित रूप से अनुचित लगा। उसको गंभीरता से लिया गया है क्योंकि मध्यप्रदेश की विधानसभा में बहुत सारे सदस्य अनेक वर्षों से आ रहे हैं। विधानसभा में पुराने लोगों ने भी बहुत अच्छी परम्पराएं स्थापित की हैं, जिसके कारण मध्यप्रदेश विधानसभा की प्रतिष्ठा देश भर में अग्रणी स्थान पर रहती है।
उन्होंने कहा कि सबका यह प्रयत्न होना चाहिए कि शब्दावली में सुधार हो और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचें। इस पर यह व्यवस्था दी जा रही है कि जो अनुपयुक्त शब्द हैं और जिससे सदन की मर्यादा प्रभावित होती है, ऐसे शब्दों को विलोपित किया गया है। सभी सदस्यों से अपेक्षा है कि वे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोपों से बचें और ऐसी शब्दावली का उपयोग न करे जिससे सदन की परम्परा हमेशा के लिए प्रभावित और कलंकित हो।
