मृत वृद्धा फिर हो गई जिंदा

छिंदवाड़ा। भगवान के बाद डाक्टरों को दूसरा भगवान माना गया है। नागपुर के कल्पवृक्ष अस्पताल में एक वृद्धा को इलाज के बाद डेड बता दिया गया। जब वृद्धा का शव छिंदवाड़ा उनके निवास लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। जैसे ही उसे अर्थी पर लिटाया गया शव की नब्ज चलती देख परिजन आश्चर्य चकित हो गए। उस वक्त यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उसे तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।

सुरेंद्र मालवी ने बताया कि मेरी बहन अंजू पति सुरेंद्र मालवीय 58 साल निवासी पातालेश्वर का दो दिन पूर्व बीपी बढ़ गया था। जिसका असर ब्रेन में हो गया था। उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से मरीज को नागपुर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने नागपुर ले जाकर कल्पवृक्ष अस्पताल में रात 10 बजे भर्ती कराया। जहां मरीज को वेंटीलेटर पर डाल दिया गया। सुबह मरीज का एमआरआई किया गया। जिसमें डाक्टरों ने बताया कि मरीज का 95 फीसदी ब्रेन डेड हो गया है। यदि वेंटीलेटर से निकलेंगे तो मरीज की मौत हो जाएगी। इस अवस्था को देखते हुए परिजनों ने पूछा की इनको घर ले जाएं। जैसे ही मरीज को लेकर घर पहुंचे परिजनों को उसकी पल्स चलती हुई दिखाई दी। तत्काल मोहल्ले के एक डॉक्टर को बुलाकर जांच करवाई गई। जांच में डॉक्टर ने बताया कि मरीज की पल्स चल रही है। तत्काल मरीज को लेकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।हालांकि मरीज के परिजनों का कहना है कि जो नागपुर के कागज है वह यहां वहां हो गए हैं। इसलिए कागज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।

हो गई थी अंत्येष्टी की तैयारी

इधर जैसे ही मरीज की परिजनों को मौत की खबर मिली। रिश्तदारों ने अंत्येष्टी की तैयारी शुरू कर दी थी। सभी रिश्तेदार, समाज और परिचित लोग एकत्रित हो गए थे। जैसे ही वृद्धा का शव घर लाया गया। सभी फूट-फूट कर रोने लगे। वृद्धा के शव को जैसे ही जमीन पर रखा। अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए थे। उसी दौरान परिजनों ने देखा कि शव की पल्स चल रही है।

पहले भी हुई हैं घटनाएं

नागपुर का यह कोई पहला मामला नहीं है। कोरोना के पूर्व में नागपुर के एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बीमारी के दौरान मृत घोषित कर दिया था। जिसके बाद उसे छिंदवाड़ा लाकर पोस्टमार्टम करवाने परिजनों ने उसे जिला अस्पताल के मरच्युरी में रख दिया था। जब सुबह पोस्टमार्टम के लिए जैसे ही शव को टेबल पर रखा गया। मरीज की पल्स चलते देख सभी के होश उड़ गए। इधर डाक्टरों ने तत्काल नागपुर के डाक्टर को सूचना दी। नागपुर से घबराकर आए डाक्टर ने परिजनों से संबंधित दस्तावेज लेकर तत्काल फाड़ दिए। इसके बाद मरीज का 11 दिनों तक इलाज चला। इसके बाद मौत हुई।

Next Post

अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार

Wed Mar 12 , 2025
छिंदवाड़ा। कोतवाली पुलिस ने अवैध हथियार के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। अवैध गतिविधियो पर अंकुश लगाने एसपी अजय पांडे के निर्देशन में, एएसपी एवं सीएसपी […]

You May Like