
नवभारत न्यूज
खण्डवा। नाबालिग पुत्री के साथ बलात्संग करने वाले पिता को दोहरा आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास) एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्राची पटेल खण्डवा द्वारा निर्णय पारित करते हुए अभियोक्त्री के पिता अभियुक्त को धारा 5 (एम)/6. पॉक्सो एक्ट एवं धारा 376 क ख भादवि में आजीवन कारावास जिसका अभिप्राय, आरोपी के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास एवं 5000 रूपए अर्थदण्ड एवं 5 (एन)/6 पॉक्सो एवं 376 (2) (एफ) भादवि में आजीवन कारावास जिसका अभिप्राय आरोपी के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास एवं 5000 रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
चार साल पहले का मामला
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके, एडीपीओ. द्वारा बताया कि, अभियोक्त्री ने थाना जावर में रिपोर्ट कराई थी। 06 जुलाई 2021 का मामला है। उसकी मां उसके छोटे भाई को लेकर मामा के घर गई थी। घर पर 11 वर्ष की पुत्री व उसके पिता थे। रात्री में पिता ने उसके साथ जबरदस्ती की थी।
डीएनए में हुई पुष्टि
बच्ची मौका पाकर भागकर पड़ोस में उसके काका के घर गई। घटना के बारे में उसके काका काकी को बताया। इस प्रकरण में यह उल्लेखनीय है कि अभियोक्त्री की मृत्यु विचारण के दौरान हो गई थी, इसलिये अभियोक्त्री के कथन न्यायालय में नहीं कराए जा सके तथा अभियोक्त्री की मां ने घटना का समर्थन नहीं किया था।
डी.एन.ए. रिपोर्ट से पुष्टि हुई की अभियोक्त्री के पिता आरोपी ने उसके साथ बलात्संग किया। मामला गंभीर था। इसलिए दोहरी सजा हुई है।
