
नवभारत,न्यूज
दमोह.न्यायालय उदय सिंह मरावी, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) दमोह की अदालत ने आरोपित अनिल तिवारी 33 वर्ष,लालू उर्फ राज तिवारी 25 वर्ष, उमाशंकर तिवारी 59 वर्ष और ऋषि तिवारी उर्फ ऋषभ 28 वर्ष सभी निवासी-टगरा मोहल्ला सिंग्रामपुर दमोह को भां.द.वि. की धारा 302/34 व 3(2) (वी) एससीएसटी एक्ट में आजीवन-आजीवन कारावास व रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया.मामले में पैरवी प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी कैलाशचंद पटेल के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या द्वारा की गई व विवेचना तत्कालीन डीएसपी अशोक चौरसिया के द्वारा की गई. उन्होंने बताया कि फरियादी निशा ठाकुर द्वारा 1 जून 2021 को घटनास्थल टगरा मोहल्ला सिंग्रामपुर जबेरा पर रिपोर्ट लेखबद्ध कराई गई कि, वह टगरा मोहल्ला सिंग्रामपुर में रहती है तथा घरू काम करती है तथा वह आदिवासी जाति की है. उसके दो बाल-बच्चे कंचन और आनंद ठाकुर हैं. उसके मोहल्ले में ही अनिल तिवारी, ऋषि तिवारी, लालू उर्फ राज तिवारी व उमाशंकर तिवारी भी रहते हैं. जिनकी उसके पति पंचू उर्फ उजयार सिंह ठाकुर से दीपावली के समय से बुराई है, जिससे सभी उसके पति से रंजिश रखे हुए थे.उसी बुराई पर से आज एक जून 2021 के दिन करीब दो बजे उसके पति पंचू उर्फ उजयार सिंह ठाकुर ग्राम तिलगवां के रिश्तेदार संजय ठाकुर व उसके दोस्त सूरज ठाकुर तथा चन्नू ठाकुर के साथ, उसके घर खाना खा रहे थे. तभी अनिल तिवारी, ऋषि तिवारी, लालू उर्फ राज तिवारी व उमाशंकर तिवारी घर के सामने आये और उसके पति को गंदी-गंदी गालियां देने लगे. जो उसके पति ने गालियां देने से मना किया तो अनिल तिवारी ने उसके घर पर कुल्हाड़ी फेंककर मारी, जो दरवाजे पर लगी. उसके पति पंचू उर्फ उजयार सिंह ठाकुर, संजय ठाकुर, सूरज ठाकुर व चन्नु ठाकुर घर से बाहर आये, तो अनिल तिवारी ने अपने भाई लालू तिवारी से कुल्हाड़ी लेकर संजय ठाकुर को मारी, जो संजय ने हाथ से छेड़ी, तो संजय के हाथ में लगी, खून बहने लगा.उसके पति उजयार सिंह ठाकुर, सूरज ठाकुर व चन्नू ठाकुर रिश्तेदार संजय ठाकुर को बचाने दौड़ तो अनिल तिवारी ने उसके पति के सिर में कुल्हाड़ी मारी और ऋषि तिवारी व लालू उर्फ राज तिवारी ने लाठी से तथा उमाशंकर तिवारी ने पाईप से उसके पति पंचू उर्फ उजयार सिंह ठाकुर आदिवासी पिता कोराई सिंह ठाकुर, आयु 28 वर्ष को मारपीट कर जान से मार डाला है. तथा सूरज ठाकुर व चन्नू ठाकुर के साथ भी मारपीट की है, जिससे उन्हें भी चोटें आई हैं.उसने घटना देखी है और पति को बचाने दौड़ी तो अनिल तिवारी ने कुल्हाड़ी की मुदारी उसके बायें हाथ की कलाई में मारी, जिससे उसके बायें हाथ की कलाई में चोट लगी है.मौके पर कल्लू सिंह राजपूत, विशाल राजपूत एवं और भी लोग थे, जिन्होंने घटना देखी है. फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया. न्यायालय में आई मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपीगण को आजीवन-आजीवन कारावास से दंडित किया.
