ब्रसेल्स 03 मार्च (वार्ता) इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) ने पत्रकारों और मीडिया कर्मचारियों की हत्या पर अपनी 34वीं वार्षिक रिपोर्ट सोमवार को प्रकाशित की है, जिसमें वर्ष 2024 में दुनिया भर में 14 महिला पत्रकार समेत 122 मीडिया पेशेवरों की मौतों का विवरण है।
फेडरेशन ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से पत्रकारों की हत्याओं के लिए दंड से मुक्ति को समाप्त करने के लिए पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर आईएफजे के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को तत्काल अपनाने का आह्वान किया है।
आईएफजे के अध्यक्ष डोमिनिक प्राडेली ने कहा,“यह वर्ष पत्रकारों के लिए सबसे घातक वर्षों में से एक है, जिसमें फिलिस्तीन लगातार दूसरे वर्ष सबसे खतरनाक देश रहा है। हमारे बार-बार आह्वान और चेतावनियों के बावजूद, इज़राइल ने फिलिस्तीन, लेबनान और सीरिया में पत्रकारों का नरसंहार जारी रखा है। पत्रकारों के खिलाफ इजरायल के अपराधों को दंडित किए बिना नहीं रहना चाहिए।”
पश्चिम एशिया और अरब जगत में पत्रकारों की मृत्यु दर 2024 में भयानक थी, जो कुल 77 तक पहुँच गई। इनमें से ज़्यादातर मौतें गाजा और लेबनान में युद्ध के कारण हुईं।
आंकड़ों के मुताबिक 2024 में दुनिया के दूसरे हिस्सों में मारे गए कई मीडिया पेशेवरों एशिया-प्रशांत में 22 पत्रकार मारे गए, अफ्रीका में दस, अमेरिका में नौ और यूरोप में चार पत्रकार मारे गये।
आईएफजे ने अपनी रिपोर्ट में अलग-अलग क्षेत्रों के पाँच पत्रकारों की कहानियाँ पेश की हैं। उनकी मौतें दुनिया भर के मीडिया पेशेवरों के सामने आने वाले खतरों को दर्शाती हैं। रिपोर्ट में विस्तृत 122 में से ये सिर्फ पाँच कहानियाें को ही शामिल किया है जो दर्दनाक हैं।
