ढाका 03 मार्च (वार्ता) बंगलादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है।
श्री यूनुस ने सोमवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में बीबीसी बांग्ला से कहा, ‘बीच में कुछ संघर्ष देखे गए थे। मैं कहूंगा कि कुछ संकट के बादल छाये, ये बादल ज्यादातर प्रचार के माध्यम से आए। अन्य लोग इनके स्रोतों को दुष्प्रचार मानेंगे।”
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में अंतरिम सरकार के सात महीने पूरे होने वाले है। अंतरिम सरकार का गठन पिछले साल पांच अगस्त को तथाकथित ‘छात्र-नेतृत्व’ विरोध के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाने के बाद किया गया था।
यूएनबी ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि चार अप्रैल 2025 को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्य सलाहकार श्री यूनुस और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच पहली बार मुलाकात हो सकती है।
श्री युनूस ने एक विशिष्ट प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और ‘कोई गिरावट नहीं आई है।’ उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमियाँ हुई हैं। श्री यूनुस ने कहा, ‘हम उन गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे बुनियादी संबंधों में कोई समस्या नहीं है।’
मुख्य सलाहकार ने कहा कि उन्होंने हमेशा समझाया है कि बंगलादेश और भारत के बीच संबंध बहुत गहरे हैं, फिर भी संबंध अच्छे हैं और भविष्य में भी अच्छे बने रहेंगे। श्री यूनुस ने कहा, “दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।”
उन्होंने कहा कि बंगलादेश और भारत के बीच संबंध ‘ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत करीबी हैं और वे इससे ‘विचलित नहीं हो सकते।’ उन्होंने एक दूसरे पर बहुत अधिक अंतरनिर्भरता का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद है।
श्री मोदी ने अंतरिम सरकार के गठन के बाद मुख्य सलाहकार श्री यूनुस को एक संदेश भेजा एवं बाद में उन्होंने टेलीफोन पर बातचीत की और प्रोफेसर यूनुस को पिछले साल 17 अगस्त को नई दिल्ली द्वारा वर्चुअल रूप से आयोजित तीसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने एक जनवरी को स्पष्ट किया कि तीन बड़े देशों – भारत, चीन और अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना 2025 में प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली के साथ ढाका के संबंध एक मुद्दे से आगे बढ़ेंगे।
श्री हुसैन ने हाल ही में ओमान के मस्कट में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की और उन्हें दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री-स्तरीय तंत्र के हिस्से के रूप में बंगलादेश आने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि बंगलादेश और भारत दोनों अन्य समस्याओं को दूर करके अच्छे आपसी संबंध बनाये रखने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कारोबार पहले ही बढ़ चुका है और जाहिर तौर पर अपने पिछले स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन वीजा संबंधी समस्याओं जैसे कुछ मुद्दे अभी भी बाकी हैं।
