मुंबई (वार्ता) कृषि आधारित कमोडिटीज के कारोबार में लगी कंपनी मीर कमोडिटीज इंडिया लिमिटेड ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।
कंपनी अभी बी2बी कृषि आधारित कमोडिटीज के घरेलू और निर्यात व्यापार में लगी हुई है, जिसका मुख्य कारोबार चीनी, खांडसारी और चीनी से जुड़े उत्पाद हैं। 10 रुपये के अंकित मूल्य वाला यह आईपीओ 52.94 लाख तक के नए शेयरों के निर्गम और कंपनी के प्रवर्तक राहिल इरफान इकबाल शेख द्वारा 35.29 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश का मिश्रण है।
कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए नए निर्गम से 48.75 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें शुद्ध ऑफर का 50 प्रतिशत से अधिक योग्य संस्थागत खरीददारों को आवंटित नहीं किया जाता है और शुद्ध ऑफर का 15 प्रतिशत और 35 प्रतिशत से कम हिस्सा क्रमशः गैर-संस्थागत और खुदरा व्यक्तिगत बोलीदाताओं को आवंटित नहीं किया जाता है।
11 मई, 2018 को बनी यह कंपनी कृषि वस्तुओं, मुख्य रूप से चीनी, खांडसारी और चीनी से संबंधित उत्पादों के बी2बी व्यापार में लगी हुई है। एक मध्यस्थ के रूप में काम करते हुए, कंपनी चीनी मिलों और वितरकों को जोड़ती है, जिससे निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन सुनिश्चित होता है। इसके विविध उत्पाद पोर्टफोलियो में चीनी, चावल, दालें, मसाले और अन्य कृषि वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में मजबूत उपस्थिति है। जबकि अधिकांश बिक्री भारत में तीसरे पक्ष के वितरकों के माध्यम से की जाती है। कंपनी 15 से अधिक देशों को निर्यात भी करती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए तंजानिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, कनाडा और सिंगापुर जैसे देशों से दालें और मसाले आयात करती है।
