
उज्जैन। महाकाल मंदिर में शनिवार को गर्भगृह व नंदीहॉल के अंदर फूल बंगले की सजावट के बीच भगवान ने पंच मुखौटों में सजकर भक्तों को दर्शन दिए। हजारों लोग साल में एक बार होने वाले इन पांच रूपों के दर्शन करने के लिए मंदिर में शाम से रात तक उमड़े।
महाशिवरात्रि पर्व के बाद आने वाली फाल्गुन शुक्ल की दूज के दिन भगवान महाकाल के ये दिव्य दर्शन भक्तों को विशेष रूप से कराने की परंपरा है। महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि इस दिन संध्या पूजन जल्दी कर भगवान का शाम को ही यह शृंगार कर दिया गया। पुजारियों ने गर्भगृह के अंदर भगवान महाकाल को छबीना, मनमहेश, होल्कर, उमा-महेश व शिव तांडव के चांदी से बने इन स्वरूपों में जरी व मखमली के रंग बिरंगे वस्त्रों के साथ सजाया। शिव नवरात्रि में प्रतिदिन मंदिर जाकर जो लोग इन स्वरूपों के दर्शन नहीं कर पाए थे उन्होंने दूज के दिन एक साथ सभी रूप के दर्शन कर संपूर्ण शिव नवरात्रि के दर्शन का पुण्य प्राप्त किया।
