
ग्वालियर। भारत में भोजन की बर्बादी के अनेक कारण हैं, जिनमें व्यक्तिगत और सामाजिक कारक शामिल हैं। इसलिए, भोजन की बर्बादी को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर उपायों की जरूरत है। बडे शहरों में भोजन की बर्वादी अधिक होती है। हमें सबसे ज्यादा कार्य भी बडे शहरों में करना है। हमें अधिक से अधिक जन जागरूकता फैलाना है। उक्ताशय के विचार पूर्व मुख्य सचिव डॉ. आर परशुराम ने रेडिसन होटल में आयोजित खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कार्यशाला में व्यक्त किए।
डब्ल्यू आर आई इंडिया एवं ईपीसीओ के संयुक्त तत्वाधान में ग्वालियर में खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी में कमी लाने के लिये जिला स्तरीय रणनीतियां बनाने के उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय सहित अन्य अधिकारी एवं सामाजिक संस्थाएं उपस्थित रहीं। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भोजन की वर्वादी आमजन की आदत बन चुकी है। आज के समय में भोजन की वर्वादी एक बडा मुद्दा बनता जा रहा है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए।
